अमेरिका और इसराइल के बीच तनाव बढ़ा, सीरिया में एयरबेस हमले को लेकर टॉम बराक ने उठाए बड़े सवाल।

सीरिया में हुए एक सैन्य हमले को लेकर अमेरिका और इसराइल के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। अमेरिका के तुर्किए में राजदूत और सीरिया के विशेष दूत Tom Barrack ने इसराइल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इसराइल ने उत्तरी सीरिया में स्थित Abu Duhur एयर बेस पर हमले से पहले किसी भी तरह की चेतावनी नहीं दी थी। यह पूरा घटनाक्रम 18 अगस्त 2026 को सामने आया जब इसराइल ने वहां सैन्य कार्रवाई की थी। इसके बाद एक इंटरव्यू में इस कदम को पूरी तरह से अनावश्यक तनाव बढ़ाने वाला बताया गया।
इसराइल ने दी सफाई और अमेरिकी खुफिया विभाग का दावा
इस हमले के बाद इसराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने अमेरिकी दूत के सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि इसराइल ने सीरियाई सरकार के बड़े अधिकारियों को इस बारे में पहले ही आगाह कर दिया था और साथ ही संबंधित अमेरिकी अधिकारियों के साथ खुफिया जानकारी भी साझा की थी। इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के कार्यालय से बताया गया कि सीरिया समझौते को तोड़ने की तैयारी में था और तुर्किए के सैनिकों को वहां तैनात करने की अनुमति दे रहा था, जिसके चलते यह कदम उठाना पड़ा। दूसरी ओर, अमेरिकी खुफिया विभाग का यह भी कहना है कि उन्हें ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे यह साबित हो सके कि तुर्किए वहां अपनी सेना तैनात कर रहा था।
सीरिया और तुर्किए के साथ बढ़ रहा कूटनीतिक गतिरोध
इस पूरे मामले में सीरिया के विदेश मंत्री Asaad al-Shaibani ने मोसाद प्रमुख Roman Gofman से बातचीत की और यह स्पष्ट किया कि दमिश्क में अबू दुहूर एयरबेस पर किसी भी तुर्की सैन्य अड्डे की कोई योजना नहीं थी। हालात तब और बिगड़ गए जब इसराइल ने 22 अगस्त 2026 को सीरिया में एक और नया हमला कर दिया और तुर्किए के राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdogan के खिलाफ बयानबाजी तेज कर दी। तुर्किए की तरफ से प्रधानमंत्री नेतन्याहू के खिलाफ गाजा सहायता बेड़े को रोकने के मामले में गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया जा चुका है, जिसके बाद दोनों देशों के बीच कड़वाहट काफी ज्यादा बढ़ गई है।