Gulf of Oman: ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना की बड़ी कार्रवाई, ईरान जा रहे पनामा के जहाज को मिसाइल से बनाया निशाना

Sushma Kumari11 August 20262 min read73 viewsOman
Gulf of Oman: ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना की बड़ी कार्रवाई, ईरान जा रहे पनामा के जहाज को मिसाइल से बनाया निशाना

ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। अमेरिका ने ईरान की नाकाबंदी का उल्लंघन करने पर पनामा के झंडे वाले एक मालवाहक जहाज को रोक दिया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस बात की जानकारी दी है कि यह जहाज नियमों को ताक पर रखकर ईरानी बंदरगाह की तरफ जा रहा था, जिसके बाद सेना को यह सख्त कदम उठाना पड़ा।

ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना का एक्शन

यह पूरी घटना 11 अगस्त 2026 को सुबह होने से पहले की है। पनामा के झंडे वाले कार्गो जहाज M/V Vela Nova ने अमेरिकी बलों की चेतावनियों को नजरअंदाज कर दिया था और लगातार आगे बढ़ रहा था। इसके बाद अमेरिकी नौसेना के MH-60 हेलीकॉप्टर ने जहाज के इंजन रूम में दो Hellfire मिसाइलें दागीं, जिससे जहाज का स्टीयरिंग गियर खराब हो गया और वह आगे नहीं बढ़ पाया। इस हमले के बाद जहाज में आग भी लग गई थी, जिसे वहां मौजूद लोगों ने तुरंत बुझा लिया।

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जहाज पर कुल 17 क्रू मेंबर सवार थे, जो पूरी तरह सुरक्षित हैं। इन सभी को सुरक्षित निकालकर दूसरे नागरिक जहाज पर भेज दिया गया। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस जहाज ने बार-बार दी जाने वाली चेतावनियों को अनसुना कर दिया था, जिसके बाद सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM को यह सख्त कदम उठाना पड़ा। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए आप ANI News पर जा सकते हैं।

ईरान पर अमेरिकी नाकाबंदी और सख्ती

अमेरिका ने ईरान के पेट्रोलियम निर्यात और समुद्री व्यापार को रोकने के लिए 14 जुलाई 2026 को यह नाकाबंदी फिर से लागू की थी। CENTCOM की रिपोर्ट के मुताबिक, नाकाबंदी दोबारा शुरू होने के बाद से बलपूर्वक रोपा गया यह तीसरा जहाज है। 11 अगस्त तक अमेरिकी सेना ने उन 55 कमर्शियल जहाजों को रास्ता बदलने के लिए मजबूर किया है जो इस नाकाबंदी को पार करने की कोशिश कर रहे थे। इसके अलावा दो अन्य जहाजों पर भी बोर्डिंग की गई है।

इस अमेरिकी कार्रवाई के बाद से खाड़ी देशों के पास तनाव का माहौल बना हुआ है। जवाब में ईरान ने मांग की है कि अमेरिका इस नाकाबंदी को तुरंत हटाए, तभी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोला जाएगा। इस पूरी स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि समुद्री व्यापार से जुड़ी गतिविधियों पर इसका ज्यादा असर न पड़े।

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