अमेरिका का ईरान पर बड़ा एक्शन, UAE समेत दुनिया भर के 60 संगठनों और जहाजों पर लगाई कड़ी पाबंदियां

Sushma Kumari25 August 20263 min read79 viewsUAE
अमेरिका का ईरान पर बड़ा एक्शन, UAE समेत दुनिया भर के 60 संगठनों और जहाजों पर लगाई कड़ी पाबंदियां

सोमवार, 24 अगस्त 2026 को अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपने दबाव को और अधिक बढ़ाते हुए एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी प्रशासन ने ईरान की सैन्य गतिविधियों और तेल व्यापार से जुड़े करीब 60 संगठनों, व्यक्तियों और जहाजों पर भारी प्रतिबंध लगा दिए हैं। इस पूरी कार्रवाई को अमेरिका ने 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' का नाम दिया है, जिसका मुख्य उद्देश्य ईरानी शासन को मिलने वाले सभी आर्थिक रास्तों को पूरी तरह से बंद करना है। इस बात की जानकारी अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट OFAC Iran Sanctions के माध्यम से साझा की गई है।

कड़े प्रतिबंधों के दायरे में आए कई देश और कंपनियां

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट ने बताया कि यह कदम ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) के जरिए उठाया गया है। इसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर नई एडवाइजरी जारी की गई है और साथ ही ईरान से जुड़े विशेष लेनदेन के लाइसेंस भी निलंबित कर दिए गए हैं। विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगोट ने कहा कि इन उपायों का मकसद उन सभी संस्थाओं बेनकाब करना है जो अमेरिकी सेना और उसके सहयोगियों पर हमलों में मदद कर रही हैं। इसके अलावा ईरान द्वारा आतंकवाद को समर्थन देने, अपनी ही जनता पर अत्याचार करने और वैश्विक अर्थव्यवस्था को बिगाड़ने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले राजस्व को रोकना भी इन पाबंदियों का मुख्य लक्ष्य है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

एविएशन, शिपिंग और डिजिटल एसेट पर भी शिकंजा

अमेरिका ने नए क्षेत्रीय प्रतिबंध लागू किए हैं जिनमें ईरान के विमानन, शिपिंग, सोना, तकनीक और डिजिटल संपत्ति के क्षेत्र पूरी तरह से शामिल हैं। इन पाबंदियों का असर सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं है बल्कि इसके दायरे में संयुक्त अरब अमीरात (UAE), हांगकांग, चीन, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड और यूरोप जैसे विभिन्न देशों के लोग और कंपनियां भी आई हैं। प्रतिबंधित किए गए प्रमुख लोगों में यूएई में रहने वाले सीरियाई ब्रोकर मोहम्मद अहमद सुहिल फट्टू, यूक्रेनी नागरिक इवान ओबुखोव और उनकी कंपनी Foscom FZE, तथा ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के पूर्व सचिव मोहम्मद बाघेड़ ज़ोल्घाद्र शामिल हैं। इसके साथ ही सिंगापुर स्थित Azure Shipping Pte. Ltd. और यूएई की बंकरिंग फर्मों जैसे Shipoil Limited, Shipoil FZCO और Ship Fuels and Trade DMCC को भी ईरानी कच्चे तेल के निर्यात में मदद करने के लिए दोषी माना गया है।

जहाज और तकनीकी संस्थान भी हुए ब्लॉक

अमेरिकी कार्रवाई के दौरान तीन विशेष जहाजों—QUANTUM HOPE, VOYAGE ELITE और MEDNA (IMO 9281683)—की पहचान प्रतिबंधित संपत्ति के रूप में की गई है। समुद्री और व्यावसायिक कंपनियों के अलावा अमेरिका ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स साइबर-इलेक्ट्रॉनिक कमांड (IRGC-CEC) और DadeNegar Startup Studio को भी अपने निशाने पर लिया है, जो अमेरिकी हितों पर हमलों के लिए इस्तेमाल होने वाली तस्वीरें जुटा रहे थे। सर्वोच्च राष्ट्रीय परिषद और ईरानी रक्षा मंत्रालय के सदस्यों सहित कुल सात अधिकारियों पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं। हालांकि ईरान के अर्थव्यवस्था मंत्री अली मदानिज़ादेह ने दावा किया है कि उनका देश इन पाबंदियों के लिए पूरी तरह से तैयार है, लेकिन अमेरिकी सचिव स्कॉट बेसेन्ट ने कड़ी चेतावनी दी है कि चीन समेत दुनिया का कोई भी ऐसा हिस्सा जो ईरानी लेनदेन में मदद करेगा, उसे अमेरिकी वित्तीय प्रणाली से पूरी तरह काट दिया जाएगा।

Share:

Comments

Leave a comment