अमेरिका ने चीन और यूएई की कंपनियों पर लगाई पाबंदी, ईरान के खिलाफ शुरू हुआ नया आर्थिक अभियान.

Nura Basta25 August 20262 min read78 viewsWorld
अमेरिका ने चीन और यूएई की कंपनियों पर लगाई पाबंदी, ईरान के खिलाफ शुरू हुआ नया आर्थिक अभियान.

अमेरिका के वित्त मंत्री Scott Bessent ने 24 अगस्त 2026 को ईरान के तेल व्यापार और रिवोल्यूशनरी गार्ड को मिलने वाली फंडिंग को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। इस नए आर्थिक अभियान को 'Operation Economic Outcast' नाम दिया गया है, जिसे ट्रेजरी के अधिकारियों ने आर्थिक डी-डे भी कहा है। इस कार्रवाई के तहत यूएई, हांगकांग, चीन, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड और यूरोप के लगभग 60 लोगों और कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। अमेरिका का यह सख्त कदम दुनिया भर में ईरान के गुप्त नेटवर्क को तोड़ने के लिए उठाया गया है, जिससे वैश्विक स्तर पर हड़कंप मच गया है।

चीनी कंपनियों और अधिकारियों पर गिरी गाज

इस ताजा कार्रवाई में विशेष रूप से चीन और हांगकांग से जुड़ी संस्थाओं को निशाना बनाया गया है। हांगकांग की फर्म Sweet Ocean Industrial के अलावा Li Na, Tian Jianbai और Zhang Limei जैसे व्यक्तियों पर तकनीक खरीदने की गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। अमेरिकी वित्त मंत्री ने साफ चेतावनी दी है कि अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे से कोई भी बाहर नहीं है और आने वाले दिनों में किसी बड़े वित्तीय संस्थान पर भी गाज गिर सकती है। हालांकि, अमेरिका ने अभी तक चीन के बड़े बैंकों पर सीधे तौर पर व्यापक प्रतिबंध लगाने से परहेज किया है ताकि वैश्विक वित्तीय प्रणाली में अचानक कोई बड़ा व्यवधान न आए। अमेरिका ने देशों को अपना व्यवहार सुधारने के लिए एक तय समय सीमा भी दी है, लेकिन साथ ही डिजिटल संपत्ति, तकनीक, विमानन, सोना और शिपिंग जैसे क्षेत्रों को भी इस दायरे में शामिल कर लिया है।

चीन और ईरान की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Lin Jian ने 25 अगस्त 2026 को इन अमेरिकी प्रतिबंधों को पूरी तरह से अवैध और एकतरफा करार दिया। उन्होंने कहा कि चीन और ईरान के बीच का सहयोग अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पूरी तरह अनुकूल है और अमेरिका की अधिकतम दबाव की नीति वैश्विक आर्थिक व्यवस्था को तबाह कर देगी। चीन ने अपने हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने की बात कही है। यह पूरा घटनाक्रम अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping के बीच 24 सितंबर 2026 को वाशिंगटन में होने वाली उच्च स्तरीय बैठक से ठीक पहले सामने आया है, जहां मुख्य रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई नीति पर चर्चा होनी है। इन अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद ईरान की मुद्रा रियाल में भारी गिरावट दर्ज की गई और वह अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है।

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