US का ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक प्रतिबंध, दुनिया के देशों को दी सख्त चेतावनी.

Nura Basta21 August 20262 min read56 viewsWorld
US का ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक प्रतिबंध, दुनिया के देशों को दी सख्त चेतावनी.

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे कड़ी आर्थिक घेराबंदी शुरू करने का बड़ा ऐलान किया है। U.S. Treasury Secretary Scott Bessent ने गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को घोषणा की कि अमेरिका इतिहास के सबसे कड़े प्रतिबंध लगा रहा है। इसका उद्देश्य दुनिया में ईरान को पूरी तरह से आर्थिक रूप से अलग-थलग करना है। अमेरिकी सरकार ने अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों को भी साफ चेतावनी दी है कि जो देश तेहरान के साथ व्यापार जारी रखेंगे, उन्हें अमेरिका के खिलाफ माना जाएगा। इस फैसले से साफ है कि आने वाले दिनों में ईरान के साथ वित्तीय लेन-देन, तेल की खरीद और समुद्री व्यापार पर भारी संकट आने वाला है।

डोनाल्ड ट्रम्प की चेतावनी और अमेरिकी प्रशासन का रुख

इस बड़े कदम से पहले बुधवार, 19 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति Donald Trump ने भी ईरान की मदद करने वाले देशों को आर्थिक युद्ध और गंभीर परिणामों की चेतावनी दी थी। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के Office of Foreign Assets Control (OFAC) ने इसी रणनीति के तहत 20 अगस्त 2026 को ईरान से जुड़े 10 लोगों को अपनी प्रतिबंध सूची में शामिल कर दिया। देश के उपराष्ट्रपति JD Vance ने भी पुष्टि की कि अमेरिकी प्रशासन अब ईरानी शासन की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से तोड़ने के लिए आर्थिक दबाव को अपना मुख्य हथियार बना रहा है। इस पूरी योजना की विस्तृत जानकारी आगामी सोमवार, 24 अगस्त 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जाएगी।

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ईरान की तीखी प्रतिक्रिया और वैकल्पिक रास्ते

अमेरिका के इन कड़े बयानों और प्रतिबंधों पर ईरान की तरफ से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को इन अमेरिकी धमकियों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यह अमेरिका के अपने अंदरूनी संकट, यानी भारी कर्ज और बढ़ते ब्याज खर्चों से ध्यान भटकाने की एक चाल है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने इन प्रतिबंधों को मानवता के खिलाफ अपराध बताया है, जिससे आम नागरिकों को परेशानी हो रही है। हालांकि, इन तमाम दबावों के बीच ईरान के अर्थव्यवस्था मंत्री ने 17 अगस्त 2026 को यह जानकारी दी थी कि देश प्रतिबंधों के असर को कम करने के लिए वैकल्पिक व्यापार और बैंकिंग रास्ते तैयार कर रहा है।

विशेषज्ञों की राय और क्षेत्रीय हालात

तेहरान की यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेज के प्रोफेसर Mostafa Khoshcheshm ने इन अमेरिकी उपायों के असर को लेकर संदेह जताया है। उनका मानना है कि अमेरिका की मांगें व्यावहारिक नहीं हैं और दशकों से लगे प्रतिबंधों के कारण ईरान अब इस तरह के आर्थिक दबाव को झेलने के लिए तैयार हो चुका है। दूसरी तरफ, अल जजीरा की व्हाइट हाउस संवाददाता Kimberly Halkett इन सभी गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी और जून 2026 में हुई सैन्य कार्रवाइयां शामिल हैं।

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