अमेरिका का ईरान पर बड़ा आर्थिक हमला, संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान के साथ सभी तरह के व्यापार को किया बंद.

Aanya24 August 20262 min read66 viewsUAE
अमेरिका का ईरान पर बड़ा आर्थिक हमला, संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान के साथ सभी तरह के व्यापार को किया बंद.

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ एक नई और सख्त आर्थिक रणनीति शुरू की है, जिसे 'Operation Economic Outcast' नाम दिया गया है। इस रणनीति के तहत दुनिया भर के उन सभी देशों को कड़ी चेतावनी दी गई है जो तेहरान के साथ अपना व्यापार जारी रखना चाहते हैं। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने साफ कर दिया है कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य ईरानी शासन को मिलने वाली सभी आर्थिक मदद को पूरी तरह से रोकना है। अमेरिका ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो देश ईरान के साथ संबंध रखेंगे, उन्हें अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा और वैश्विक देशों को अमेरिका या ईरान में से किसी एक को चुनना होगा।

अमेरिका के नए प्रतिबंध और कड़े नियम

अमेरिकी प्रशासन ने अपने इस नए आर्थिक अभियान के दायरे को और बढ़ाते हुए पांच प्रमुख क्षेत्रों में लेन-देन करने वाली कंपनियों को निशाना बनाया है। इन क्षेत्रों में digital assets, technology, gold, aviation, और shipping शामिल हैं। जो भी संस्थाएं ईरान के लिए मनी लॉन्ड्रिंग जैसी गतिविधियों में शामिल पाई जाएंगी, उन्हें सीधे तौर पर अमेरिकी डॉलर सिस्टम से बाहर कर दिया जाएगा। अमेरिका ने सभी देशों को व्यापारिक संबंध तोड़ने के लिए एक निश्चित समय सीमा भी दी है। राष्ट्रपति Donald Trump लगातार दुनिया भर के नेताओं से बातचीत कर रहे हैं ताकि वे ईरान के साथ अपने सभी तरह के रिश्ते समाप्त कर सकें।

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ईरान की तीखी प्रतिक्रिया और क्षेत्रीय तनाव

अमेरिका के इस नए कदम के जवाब में ईरान के राष्ट्रपति Masaza Pezeshkian ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जो भी देश इन प्रतिबंधों का समर्थन करेगा, उसे युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा। इसके अलावा, तेहरान ने यह भी धमकी दी है कि यदि दबाव कम नहीं हुआ तो वे खाड़ी देशों से होने वाले सभी तेल निर्यात को पूरी तरह से बंद कर देंगे। इस बढ़ते तनाव के बाद ईरान की मुद्रा rial अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई है। ईरान के कई बड़े सैन्य और राजनीतिक अधिकारी लगातार भड़काऊ बयान दे रहे हैं, जिससे मध्य पूर्व में स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है।

संयुक्त अरब अमीरात का बड़ा फैसला

मध्य पूर्व में ईरान के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार रहे United Arab Emirates (UAE) ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए ईरान के साथ सभी प्रकार के व्यापारिक संबंधों को पूरी तरह से समाप्त करने की घोषणा कर दी है। दूसरी ओर, चीन, जो ईरान का सबसे बड़ा तेल खरीदार है, ने चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Lin Jian के जरिए एक बार फिर एकतरफा प्रतिबंधों का विरोध किया है। चीन का कहना है कि दबाव बनाने की ये नीतियां किसी भी समस्या का समाधान नहीं हैं। इसके अलावा, भारत और रूस जैसे देश भी इस अमेरिकी दबाव के बीच अपनी व्यापारिक नीतियों को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं क्योंकि अमेरिका की इन चेतावनियों ने वैश्विक स्तर पर उथल-पुथल मचा दी है।

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