हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव के बीच अमेरिका और ईरान की बातचीत जारी, वाइस प्रेसिडेंट वेंस ने कहा स्थिति अभी उलझी हुई है

अमेरिकी वाइस प्रेसिडेंट J.D. Vance ने 6 अगस्त 2026 को ईरान के साथ चल रही बातचीत को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने स्वीकार किया कि दोनों देशों के बीच चल रही चर्चाएं अभी काफी उलझी हुई हैं, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि आने वाले समय में इसके परिणाम अमेरिका के लिए सकारात्मक होंगे। यह बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देश जून 2026 के मध्य में हुए एक अंतरिम समझौते के बाद एक स्थायी डील तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की भूमिका
इस पूरे मामले का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु सामरिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य है। 6 अगस्त को मिली जानकारी के अनुसार, ईरान इस जलमार्ग को दोबारा खोलने के लिए ओमान के साथ मिलकर एक समझौते का मसौदा तैयार करने के अंतिम चरण में है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे दबाव को कम करना है। हालांकि, Tehran ने स्पष्ट किया है कि यह सौदा तभी पूरा हो पाएगा जब अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगी अपनी नाकेबंदी को हटाएगा। इस मामले की अधिक जानकारी NewsOnAir की रिपोर्ट में देखी जा सकती है।
ईरान चाहता है कि हॉर्मुज पर उसका नियंत्रण बना रहे और यह युद्ध से पहले की तरह पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग न बने। इसके विपरीत, अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इस मार्ग पर किसी एक देश का एकाधिकार नहीं होना चाहिए। राष्ट्रपति Donald Trump ने 4 अगस्त को संकेत दिए थे कि यह रास्ता बहुत जल्द खुल जाएगा, जो व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक बड़ी राहत हो सकती है।
क्षेत्रीय सुरक्षा और ऊर्जा नेटवर्क पर खतरा
कूटनीतिक बातचीत के बीच ईरान ने खाड़ी देशों को एक कड़ी चेतावनी भी जारी की है। 5 अगस्त को ईरान ने स्पष्ट किया कि यदि अमेरिका ने उसके क्षेत्र पर दोबारा हमला किया, तो वह क्षेत्र भर के महत्वपूर्ण ऊर्जा ढांचे को अपना निशाना बनाएगा। यह चेतावनी राष्ट्रपति Trump द्वारा 28 जुलाई को ईरान के ऊर्जा नेटवर्क पर हमला करने की धमकी के बाद आई है।
तनाव की एक और परत तब जुड़ी जब IRGC के कमांडर Ahmad Vahidi ने 5 अगस्त को कहा कि जब तक अमेरिका और इजरायल के पास परमाणु हथियार मौजूद हैं, तब तक ईरान भी अपना परमाणु कार्यक्रम जारी रखेगा। इससे पहले 4 अगस्त को जिनेवा में हुई बातचीत को वाइस प्रेसिडेंट Vance ने कुछ मामलों में उपयोगी बताया था, लेकिन साथ ही यह भी कहा था कि ईरान अभी भी अमेरिकी शर्तों को मानने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं है। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araqchi का कहना है कि माहौल रचनात्मक दिशा में आगे बढ़ रहा है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और वहां के कारोबार पर इन अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों का सीधा असर पड़ता है, जिसे लेकर वहां की जनता में लगातार चर्चा बनी हुई है।