स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मुज पर अमेरिका और ईरान आमने-सामने, अमेरिकी राष्ट्रपति ने की अमेरिकी क्षेत्र होने की बात.

फारस की खाड़ी के पास स्थित बेहद अहम स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मुज को लेकर दुनिया के दो बड़े देश अमेरिका और ईरान फिर से आमने-सामने आ गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 21 और 22 अगस्त 2026 को दिए अपने बयानों में इस जलडमरूमध्य को अमेरिकी क्षेत्र बताया है और कहा है कि इस इलाके पर उनका पूरा नियंत्रण है। उन्होंने यह भी दावा किया कि यह रास्ता खुला हुआ है और सभी समुद्री खदानों को बेकार कर दिया गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ओमान ने अमेरिकी नीतियों के बीच में दखल दिया, तो वे कड़ा कदम उठाएंगे। दूसरी ओर, ईरान ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है और कहा है कि इस जलक्षेत्र पर केवल ईरान का ही अधिकार है।
ईरान का कड़ा रुख और ओमान से बातचीत
ईरान के न्यायपालिका प्रमुख Gholamhossein Mohseni-Ejei ने साफ शब्दों में कहा है कि स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मुज पर सिर्फ ईरान की संप्रभुता है। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने अमेरिका की तरफ से आर्थिक दबाव बनाने की धमकियों को पूरी तरह असफल बताया है। ईरान के मुख्य वार्ताकार Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा है कि जब तक अमेरिका अपने बंदरगाह की नाकाबंदी नहीं हटाता, फंसी हुई संपत्तियों को वापस नहीं करता, तेल पर लगे प्रतिबंध खत्म नहीं करता और अपनी सैन्य कार्रवाई बंद नहीं करता, तब तक इस रास्ते को पूरी तरह नहीं खोला जाएगा। इस तनाव के बीच, ओमान के विदेश मंत्री Sayyid Badr bin Hamad Al Busaidi और ईरानी विदेश मंत्री के बीच 21 अगस्त को फोन पर बातचीत हुई, जिसमें इस रास्ते से आने-जाने को लेकर एक समझौते पर चर्चा की गई। इसके अलावा, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने पहले ही एक नए समुद्री रास्ते पर विचार करने की बात कही थी।
शिपिंग ट्रैफिक और अंतर्राष्ट्रीय नियम
अंतर्राष्ट्रीय कानूनी जानकारों का कहना है कि किसी देश द्वारा ऐसे जलक्षेत्र को अपना हिस्सा बताना संयुक्त राष्ट्र के समुद्र कानून यानी UNCLOS के नियमों के खिलाफ है, जो जहाजों को स्वतंत्र रूप से आने-जाने की अनुमति देता है। इस बढ़ते तनाव का सीधा असर व्यापारिक जहाजों पर पड़ रहा है। UK Maritime Trade Operations से मिली जानकारी के मुताबिक, इस रास्ते से होने वाला कमर्शियल शिपिंग ट्रैफिक युद्ध से पहले के मुकाबले करीब 90 प्रतिशत कम हो गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने जानकारी दी कि 21 अगस्त तक उन्होंने नाकाबंदी लागू करने के लिए 68 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला, तीन जहाजों को रोका और दो जहाजों की तलाशी ली। इस पूरी स्थिति पर UK Government Joint Statement के जरिए भी चिंता जताई जा चुकी है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने यह भी घोषणा की है कि सोमवार को ईरान के खिलाफ अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे, जिसमें सहयोगी देशों का समर्थन मिलने की उम्मीद है।