US-Iran War Update: ईरान का दावा, अमेरिका ने फारस की खाड़ी में खोया नियंत्रण, ट्रंप ने कहा हम करते हैं पूरी तरह कंट्रोल.

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के बीच एक बड़ा बयान सामने आया है जहाँ ईरानी अधिकारियों ने कहा कि अमेरिका अपने मकसद में पूरी तरह से नाकाम रहा है। IRNA News Agency की रिपोर्ट के मुताबिक यह घटनाक्रम 12 अगस्त 2026 को सामने आया है जब दोनों देशों के बीच के हालात पर दुनिया भर की नजरें टिकी हुई हैं। इस पूरे मामले को लेकर आम लोगों और खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के बीच भी चिंता का माहौल बना हुआ है क्योंकि इसका असर सीधे तौर पर क्षेत्रीय सुरक्षा और आम जनजीवन पर पड़ता है।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का बड़ा दावा
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स यानी IRGC के प्रवक्ता Hossein Mohebi ने एक बयान में कहा कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ जो 40 दिन का युद्ध लड़ा था उसमें उसे मुंह की खानी पड़ी है। उनका कहना था कि युद्ध से पहले अमेरिका ने फारस की खाड़ी में अपने 30 से 40 युद्धपोत तैनात किए थे लेकिन संघर्ष खत्म होने के बाद वहां एक भी अमेरिकी युद्धपोत नहीं बचा। इसके अलावा IRGC के शीर्ष सलाहकार Mohammad Reza Naqdi ने भी दावा किया कि ईरान ने अमेरिका के उन सभी मंसूबों को नाकाम कर दिया जिसके तहत वे देश की हुकूमत को पलटना चाहते थे और खाड़ी के रास्ते पर कब्जा करना चाहते थे।
डोनाल्ड ट्रंप का पलटवार और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का विवाद
दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने उसी दिन बयान जारी कर कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका Strait of Hormuz यानी हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से नियंत्रित करता है और वहां किसी और का नहीं बल्कि सिर्फ अमेरिका का अधिकार है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर भरोसा न करने की बात दोहराई और आरोप लगाया कि ईरान ने उनसे लगातार झूठ बोला है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि युद्ध की वजह से ईरान की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ है और दोनों तरफ से युद्ध में हुए नुकसान के मुआवजे की मांग की जा रही है।
सीजफायर और कूटनीतिक बातचीत के हालात
इस बीच कूटनीतिक मोर्चे पर भी हलचल तेज है जहाँ पाकिस्तान के रक्षा मंत्री Khawaja Asif ने संकेत दिया है कि अमेरिका और ईरान किसी शांति समझौते या डील के बहुत करीब पहुंच रहे हैं। यह बयान पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री Syed Mohsin Raza Naqvi और ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi के बीच तेहरान में हुई बातचीत के बाद आया है। हालांकि एक वरिष्ठ ईरानी सूत्र ने 12 अगस्त को यह साफ कर दिया था कि वर्तमान में अमेरिका के साथ चल रहे युद्धविराम को बढ़ाने को लेकर कोई बातचीत नहीं हो रही है। यह मौजूदा सीजफायर आगामी 17 अगस्त को समाप्त होने वाला है।
मैदान पर तनाव और हालिया घटनाएं
क्षेत्र में तनाव का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में 11 अगस्त को एक बड़ी घटना घटी थी। अमेरिकी नौसेना के एक हेलीकॉप्टर ने ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौकाओं की नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहे पनामा के झंडे वाले एक जहाज पर मिसाइलें दाग दी थीं। इसके अलावा बाब अल-मदब जलडमरूमध्य में ईरान समर्थित हौूती विद्रोहियों द्वारा किए गए एक हमले में तीन पाकिस्तानियों समेत छह लोगों की मौत हो गई थी। ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Mohsen Rezaei और सर्वोच्च नेता के सलाहकार Mohammad Mokhber ने स्पष्ट किया है कि जब तक अमेरिका अपनी धमकियां बंद नहीं करता और प्रतिबंध नहीं हटाता तब तक हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद ही रहेगा।