US National Debt: अमेरिका पर कर्ज का पहाड़ बना 40 ट्रिलियन डॉलर, ईरान ने अमेरिकी रणनीति पर उठाए बड़े सवाल.

अमेरिका का राष्ट्रीय कर्ज बढ़कर इतिहास में पहली बार $40 ट्रिलियन के पार पहुंच गया है, जिसे लेकर दुनिया भर में चर्चा शुरू हो गई है। इस बड़ी वित्तीय स्थिति पर ईरान के अधिकारियों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और अमेरिकी आर्थिक नीतियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने मंगलवार, 18 अगस्त 2026 की दोपहर को आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि की कि देश का कुल राष्ट्रीय कर्ज अब बढ़कर $40.047 ट्रिलियन हो गया है। इस आर्थिक हालात के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बयानबाजी का दौर भी तेज हो गया है।
ईरान के नेताओं ने अमेरिकी आर्थिक नीतियों की आलोचना की
ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने सोशल मीडिया पर अपने बयान में अमेरिका पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने सहयोगियों से मदद की गुहार लगा रहा है क्योंकि अब उनका पूरा ध्यान तथाकथित आर्थिक युद्ध की तरफ शिफ्ट हो गया है। ग़रीबाबादी ने यह भी कहा कि अमेरिका भले ही यह दावा करता है कि ईरान की नीतियां विफल हो रही हैं, लेकिन वाशिंगटन खुद आर्थिक मोर्चे पर लाचारी दिखा रहा है। इससे पहले देश में सैन्य हस्तक्षेप के प्रयास भी असफल साबित हुए थे।
इसके अलावा ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी इन बयानों का समर्थन किया। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हाल ही में शुरू किए गए Economic D-Day अभियान को अमेरिका की बिगड़ती वित्तीय स्थिति से ध्यान भटकाने वाला कदम बताया। अराघची ने इस अमेरिकी रणनीति को आर्थिक आतंकवाद करार दिया और चेतावनी दी कि इससे वैश्विक स्तर पर व्यावसायिक स्थिरता खतरे में पड़ रही है।
अमेरिकी जनता पर कर्ज का भारी बोझ
बीते एक दशक में अमेरिका का यह कर्ज दोगुना हो चुका है। जनवरी 2017 में यह आंकड़ा $19.95 ट्रिलियन था जो अब $40 ट्रिलियन से अधिक हो गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत जनवरी 2025 से लेकर अब तक देश के राष्ट्रीय कर्ज में $3.8 ट्रिलियन की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस बढ़ते कर्ज के कारण अब अमेरिका के प्रत्येक नागरिक पर औसतन $117,000 और प्रत्येक परिवार पर लगभग $297,000 का वित्तीय बोझ आ चुका है।
हाउस बजट के चेयरमैन जोडी एरिंगटन ने इन आंकड़ों पर गहरी चिंता जताई है और इसे देश के लिए एक गंभीर खतरा बताया है। उन्होंने संघीय खर्चों पर लगाम लगाने के लिए एक विशेष कन्वेंशन बुलाने की मांग की है। इस बारे में अधिक जानकारी US House Budget Committee Press Release पर देखी जा सकती है। चालू वर्ष में केवल ब्याज के रूप में भुगतान की जाने वाली राशि $1 ट्रिलियन को पार करने की संभावना है। वित्तीय वर्ष 2026 के शुरुआती 10 महीनों का घाटा पूरे वर्ष 2025 के कुल घाटे से भी आगे निकल चुका है।
व्हाइट हाउस और स्वतंत्र विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
बढ़ते वित्तीय संकट के बीच व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने कहा है कि प्रशासन सरकारी खर्चों में बर्बादी और धोखाधड़ी को कम करने के साथ देश में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। वहीं दूसरी तरफ स्वतंत्र विश्लेषकों और वित्तीय संगठनों ने इसे लेकर चेतावनी जारी की है।
फेडरल बजट समिति की अध्यक्ष माया मैकगुइनेस ने कहा है कि यह बढ़ता हुआ कर्ज देश में महंगाई को और ज्यादा बढ़ावा दे रहा है। बाइपार्टिसन पॉलिसी सेंटर की मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्गरेट स्पेलिंग्स ने भी चेताया है कि सरकार की तरफ से लगातार हो रहा अत्यधिक खर्च देश की जरूरी योजनाओं में होने वाले निवेश को कमजोर कर रहा है और लंबे समय के लिए राष्ट्रीय समृद्धि के सामने बड़ा संकट पैदा कर रहा है।