Strait of Hormuz: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा, कहा- अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य को किया पूरी तरह साफ और नियंत्रण में लिया.

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 10 अगस्त और 11 अगस्त 2026 को यह बड़ा ऐलान किया कि अमेरिकी नौसेना ने महत्वपूर्ण शिपिंग लेन होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से माइंस-स्वीप कर लिया है। व्हाइट हाउस में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने दावा किया कि यह रास्ता अब गैर-ईरानी यातायात के लिए पूरी तरह से खुल गया है। उन्होंने कहा कि ईरान द्वारा गिराई गई खदानों को अमेरिकी नौसेना तुरंत खोजकर नष्ट कर देती है।
डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि ईरान आने-जाने वाले जहाजों को रोकने के लिए एक मजबूत और अचूक घेराबंदी की गई है। इसके जरिए अमेरिकी नौसेना का इस जलडमरूमध्य पर 100 प्रतिशत नियंत्रण सुनिश्चित किया गया है। हालांकि, रक्षा अधिकारियों या अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों की तरफ से इन दावों पर पूरी तरह से मुहर नहीं लगाई गई है। पेंटागन की परीक्षण शाखा और सैन्य विशेषज्ञों ने अमेरिकी नौसेना के नए जहाजों की विश्वसनीयता पर चिंता जताई है।
ओमान के साथ समझौते के करीब है ईरान
दूसरी तरफ ईरान ने यह साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका उसकी शर्तें नहीं मानता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहेगा। तेहरान युद्ध के हर्जाने और अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी हटाने की मांग पर अड़ा हुआ है। ईरान नए शिपिंग मार्गों को लेकर ओमान के साथ एक समझौते के अंतिम चरण में है। तेहरान का कहना है कि जलमार्ग पूरी तरह खोलने से पहले अमेरिका को सैन्य अभियान बंद करने होंगे, प्रतिबंध हटाने होंगे, बंदरगाहों की नाकाबंदी खत्म करनी होगी, नौसेना और वायु सेना को हटाना होगा, फ्रोजन संपत्तियों को जारी करना होगा और युद्ध के नुकसान की भरपाई करनी होगी।
10 अगस्त 2026 को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई। शांति समझौते की उम्मीदें कम होने के कारण उस दिन केवल 6 जहाज ही वहां से गुजरे, जबकि पिछले 10 दिनों का औसत लगभग 11 जहाजों का था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 9 अगस्त 2026 को यह भी आरोप लगाया था कि ईरान पूरी तरह से दिवालिया हो चुका है और वहां 300 प्रतिशत की महंगाई चल रही है।
ईरान की सैन्य और नौसैनिक गतिविधियां
इन घटनाओं से पहले अप्रैल 2026 में डोनाल्ड ट्रंप ने 158 ईरानी नौसैनिक जहाजों को नष्ट करने की घोषणा की थी। इसके बाद मई 2026 में मर्चेंट जहाजों को एस्कॉर्ट करने के लिए Operation Project Freedom की शुरुआत की गई थी। इस बीच, ईरानी सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने 10 अगस्त 2026 को मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही को सशस्त्र बलों का चीफ ऑफ स्टाफ नियुक्त किया और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के नए कमांडर की पुष्टि की।