ईरान के खिलाफ अमेरिका का बड़ा ऐलान, आर्थिक मदद रोकने के लिए 15 मिलियन डॉलर का इनाम

Aanya7 August 20262 min read68 viewsWorld
ईरान के खिलाफ अमेरिका का बड़ा ऐलान, आर्थिक मदद रोकने के लिए 15 मिलियन डॉलर का इनाम

अमेरिका ने ईरान के वित्तीय नेटवर्क को तोड़ने के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी सरकार ने घोषणा की है कि जो भी व्यक्ति ईरान के अवैध वित्तीय लेनदेन और वहां के शासन की मदद करने वाले तंत्र के बारे में जानकारी देगा, उसे 15 मिलियन डॉलर यानी करीब 125 करोड़ रुपये से अधिक का इनाम दिया जाएगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ईरान की गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए वाशिंगटन ने नई पाबंदियां लागू की हैं।

ईरान पर नई पाबंदियों का असर

7 अगस्त 2026 को अमेरिका ने उन डिजिटल एसेट एक्सचेंज पर सख्त प्रतिबंध लगा दिए हैं, जिन पर ईरान और वहां के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) को गैर-कानूनी तरीके से पैसा मुहैया कराने का आरोप है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के Office of Foreign Assets Control (OFAC) ने खास तौर पर Shelbit Exchange और उसके संचालक Siavash Kayvanpour का नाम लिया है। इन पर अरबों डॉलर की मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी समूहों की मदद करने का गंभीर आरोप है। इसके बारे में विस्तृत जानकारी अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर देखी जा सकती है।

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इनाम और खुफिया जानकारी का मकसद

अमेरिकी विदेश विभाग के Rewards for Justice (RFJ) कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य उन रास्तों को बंद करना है, जिनके जरिए ईरान अवैध तेल व्यापार और हथियार बनाने वाली तकनीक खरीदता है। विदेश विभाग के प्रवक्ता Tommy Pigott ने बताया कि यह इनाम उन लोगों के लिए है जो ईरान के उन वित्तीय सहयोगियों का पता बताएंगे जो वहां के सत्ताधारी नेताओं की विलासिता को बढ़ावा दे रहे हैं। इसमें ड्रोन बनाने के लिए पुर्जों की सप्लाई करने वाले और फ्रंट कंपनियां चलाने वाले लोग शामिल हैं।

चीन और ईरान के बीच तेल का खेल

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने संकेत दिया है कि नई पाबंदियां उन तमाम वित्तीय बिचौलियों पर निशाना साधेंगी जो ईरान की मदद करते हैं। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, स्वतंत्र चीनी रिफाइनरियों द्वारा खरीदा जाने वाला ईरानी तेल वहां की सरकार के लिए एक बड़ी आर्थिक लाइफलाइन बना हुआ है। यह व्यापार सीधे तौर पर ईरान को अपना शासन चलाने और सैन्य गतिविधियों को जारी रखने के लिए पैसे देता है।

राजनयिक कोशिशें और शांति वार्ता का मोड़

दिलचस्प बात यह है कि इस कड़े रुख से ठीक पहले, यानी 5 अगस्त 2026 को अमेरिका ने ईरान के IRGC से जुड़ी तीन संस्थाओं पर से पाबंदियां हटा ली थीं। इसे Strait of Hormuz को लेकर चल रही शांति वार्ता और कूटनीतिक कोशिशों का नतीजा माना जा रहा था, जिसकी पुष्टि अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने की थी। हालांकि, नई पाबंदियों ने साफ कर दिया है कि अमेरिका एक तरफ बातचीत की कोशिश कर रहा है तो दूसरी तरफ ईरान के वित्तीय नेटवर्क को पूरी तरह तबाह करने की रणनीति पर भी कायम है।

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