GAZA WAR CRIMES: अमेरिकी सीनेटर क्रिस वैन हॉलन ने गाजा में लगभग 500 संभावित युद्ध अपराधों पर मांगी जवाबदेही।

अमेरिकी संसद सीनेट के वरिष्ठ सदस्य Senator Chris Van Hollen ने इजरायली सैन्य बलों पर कड़ा रुख अपनाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने मांग की है कि अमेरिकी सरकार द्वारा गाजा में चिन्हित किए गए लगभग 500 संभावित युद्ध अपराधों के लिए इजरायली बलों को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया जाए। अलजज़र अंग्रेजी के एक लाइव अपडेट में 19 अगस्त 2026 को यह जानकारी सामने आई है, जो इस क्षेत्र में इजरायली सेना के कामकाज को लेकर लंबे समय से चली आ रही आलोचनाओं का ही एक हिस्सा है।
मानवीय संकट और सीनेटर का कड़ा रुख
सीनेटर क्रिस वैन हॉलन ने गाजा में चल रहे गंभीर मानवीय संकट को लेकर लगातार अपनी आवाज उठाई है। साल 20 फरवरी 2024 को सीनेट के फ्लोर पर भाषण देते समय उन्होंने भोजन को जानबूझकर रोके जाने की घटना को 'टेक्स्टबुक वार क्राइम' यानी किताबी युद्ध अपराध करार दिया था। उन्होंने उस दौरान बाइडन प्रशासन पर इस मामले में तुरंत दखल देने का दबाव बनाया था। इसके बाद समय बीतने के साथ उनका विरोध और अधिक मुखर होता चला गया।
मई 2025 के दौरान उन्होंने मानवीय सहायता सामग्री के प्रवेश पर लगी रोक की कड़ी निंदा की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस तरह के हथियारों का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय कानून के बिल्कुल खिलाफ है। उन्होंने फिलिस्तीनी नागरिकों को जबरन उनके घरों से बेदखल किए जाने की प्रक्रिया को 'एथनिक क्लींजिंग' यानी जातीय सफाया बताया था।
रिपोर्ट में हुआ बड़े पैमाने पर नुकसान का खुलासा
सितंबर 2025 में सीनेटर क्रिस वैन हॉलन ने अपने साथी सीनेटर Jeff Merkley के साथ मिलकर एक औपचारिक रिपोर्ट सार्वजनिक की थी। इस रिपोर्ट में आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे की लगभग पूरी तरह से बर्बादी और भोजन को युद्ध के हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की रणनीति का विस्तार से जिक्र किया गया था। इस रिपोर्ट को तैयार करने में ह्यूमन राइट्स वॉच और मेडिसिन सैन फ्रंटियर्स जैसी संस्थाओं के दस्तावेजों का मुख्य रूप से सहारा लिया गया था। इसमें विशेष रूप से उन फिलिस्तीनी नागरिकों की हत्याओं को युद्ध अपराध का पक्का सबूत बताया गया जो केवल भोजन की तलाश में बाहर निकले थे।
हाल ही में 4 अगस्त 2026 को सीनेटर ने क्षेत्रीय मुद्दों पर कई मीडिया इंटरव्यू दिए थे। इन बातचीत के दौरान उन्होंने ईरान की स्थिति और एक फिलिस्तीनी-अमेरिकी नागरिक की नजरबंदी जैसे गंभीर विषयों पर खुलकर बात की। इन सभी बयानों और रिपोर्टों से यह साफ पता चलता है कि अमेरिकी राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर दबाव बढ़ रहा है कि गाजा में आम लोगों पर हो रहे अत्याचारों की निष्पक्ष जांच हो और गलत काम करने वालों पर कार्रवाई की जाए।