US ने ईरान पर किया अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक हमला, चीन ने दी चेतावनी और ईरान ने rial गिरने पर दिखाया कड़ा तेवर.

Praggya Singh sabal24 August 20263 min read69 viewsWorld
US ने ईरान पर किया अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक हमला, चीन ने दी चेतावनी और ईरान ने rial गिरने पर दिखाया कड़ा तेवर.

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर से बहुत ज्यादा बढ़ गया है। अमेरिका के ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने ईरान के खिलाफ एक नए और बहुत बड़े आर्थिक अभियान की घोषणा की है। इस योजना को आर्थिक डी-डे कहा गया है और इसे ईरान के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय हमला बताया जा रहा है। इसका मुख्य मकसद ईरान की सरकार के सभी आर्थिक रास्तों को पूरी तरह से बंद करना है ताकि देश की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से तोड़ा जा सके। अमेरिकी अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि जो भी देश या कंपनी ईरान के साथ व्यापार जारी रखेगी, उसे बहुत भारी आर्थिक परिणामों का सामना करना पड़ेगा। अमेरिका उन देशों को भी निशाना बना रहा है जिन पर ईरान के साथ नरमी बरतने का आरोप लगाया गया है।

चीन की प्रतिक्रिया और चेतावनी

अमेरिका के इस कदम के बाद चीन ने भी अपनी बात रखी है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Lin Jian ने कहा कि इस तरह के प्रतिबंध और दबाव डालने के तरीके किसी भी काम के नहीं होते हैं। उन्होंने बताया कि इन चीजों से केवल झगड़ा और तनाव बढ़ता है जो किसी भी देश के हित में नहीं है। चीन ने साफ किया कि वह अमेरिका के एकतरफा प्रतिबंधों को बिल्कुल नहीं मानता है और अपने अधिकारों तथा हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा। यह पूरा मामला ऐसे समय में सामने आया है जब अगले महीने चीन के शीर्ष नेता Xi Jinping वाशिंगटन का दौरा करने वाले हैं, जिससे यह समय और भी ज्यादा संवेदनशील बन गया है.

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

ईरान का कड़ा रुख और जवाबी चेतावनी

अमेरिका के इस बड़े हमले पर ईरान के नेताओं की तरफ से बहुत तीखी प्रतिक्रिया आई है। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा कि उनका देश इस समय अपने दुश्मनों के खिलाफ आर्थिक, सैन्य और सुरक्षा मोर्चे पर पूरी ताकत से लड़ रहा है। इसके अलावा ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने अमेरिका के इस कदम को पुरानी और बार-बार दोहराई जाने वाली दादागिरी बताया है। ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Mohsen Rezaei ने चेतावनी दी थी कि अगर यह आर्थिक युद्ध बंद नहीं हुआ, तो ईरान खाड़ी देशों से होने वाले सभी तेल निर्यात को पूरी तरह से रोक देगा और अमेरिका का समर्थन करने वाले हर कदम को युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा.

मुद्रा पर असर और क्षेत्रीय हालात

इस भारी तनाव और दबाव के बीच ईरान की मुद्रा यानी रियाल की हालत बहुत खराब हो गई है। 24 अगस्त 2026 को ईरानी रियाल अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। इस पूरे हालात में क्षेत्रीय देशों का रुख भी बहुत महत्वपूर्ण रहा है। संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE ने मिसाइल हमलों के आरोपों के बाद साल 2025 में ही ईरान के साथ अपने सभी आर्थिक संबंध पूरी तरह से खत्म कर दिए थे। वहीं दूसरी तरफ ओमान लगातार ईरान के साथ बातचीत कर रहा है ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन को ठीक से संभाला जा सके। इन सभी घटनाओं से साफ है कि आने वाले दिनों में खाड़ी देशों और ईरान के बीच का यह संकट और भी ज्यादा गंभीर रूप ले सकता है.

Share:

Comments

Leave a comment