US ने ईरान पर अनिश्चितकालीन नौसैनिक नाकेबंदी का किया ऐलान, हॉर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव

अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर अनिश्चितकालीन नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखने का कड़ा फैसला लिया है क्योंकि कूटनीतिक बातचीत के जरिए सीजफायर यानी युद्धविराम हासिल करने के प्रयास पूरी तरह से रुक गए हैं। रक्षा सचिव Pete Hegseth ने साफ किया कि अमेरिकी नौसेना के पास इस क्षेत्र में लगातार अपने जहाजों को बदलने की पूरी क्षमता है और इस समुद्री पाबंदी को खत्म करने के लिए कोई भी समयसीमा तय नहीं की गई है। राष्ट्रपति Donald Trump ने इस नाकेबंदी को ईरान पर दबाव बनाने के लिए एक 'स्टील की दीवार' बताया था, जिसे ईरानी सैन्य अधिकारियों ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
आर्थिक प्रतिबंधों की तैयारी और तड़के की स्थिति
सैन्य नाकेबंदी के साथ-साथ अमेरिकी ट्रेजरी विभाग आने वाले सप्ताह में ईरान पर अब तक के सबसे कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है। ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने इन आने वाले कदमों को ईरान को पूरी तरह से आर्थिक रूप से अलग-थलग करने के लिए एक 'वन-टू पंच' यानी दोतरफा कड़ा प्रहार बताया है। फारस की खाड़ी और Strait of Hormuz में हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं, जहां संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE के दो तेल टैंकरों पर हमलों की खबरों के बाद समुद्री शिपिंग ट्रैफिक ऐतिहासिक औसत से काफी नीचे आ गया है।
अंतर्राष्ट्रीय कानून और मानवीय मानकों पर सवाल
समुद्री विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत नौसैनिक नाकेबंदी कानूनी हो सकती है, लेकिन इसे लेकर अभी भी कई तरह की चिंताएं बनी हुई हैं। इनमें मानवीय मानकों का पालन न होना शामिल है, जिसके तहत जरूरी सामानों की आपूर्ति को रोकना मना है। इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अनुमति के बिना सैन्य बल के इस्तेमाल की वैधता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। गल्फ देशों में रहने वाले और सफर करने वाले लोगों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बनती जा रही है क्योंकि इस क्षेत्र में सुरक्षा के हालात लगातार बदल रहे हैं।