ईरान के फंडिंग पर अमेरिका की बड़ी चोट, शिपिंग कंपनियों पर लगा प्रतिबंध और व्यापार पर कसता शिकंजा

अमेरिका ने ईरान की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। U.S. State Department ने साफ किया है कि वे ईरान के उन तमाम रास्तों को बंद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिनसे उन्हें अवैध पैसा मिल रहा है। इस मिशन में U.S. Department of the Treasury's Office of Foreign Assets Control (OFAC) लगातार काम कर रहा है और जुलाई 2026 में कई कंपनियों पर नए प्रतिबंध लगाए गए हैं। ईरान पर लगाए गए इन प्रतिबंधों की विस्तृत जानकारी आप OFAC की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।
ईरान की शिपिंग कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई
29 जुलाई 2026 को अमेरिका ने एक और बड़ा एक्शन लिया। इस बार निशाना बनीं दो कंपनियां, Persian Gulf Marine Insurance Company और HormuzSafe Marine Services Authority। इन कंपनियों पर आरोप है कि वे IRGC के इशारे पर काम कर रही थीं और होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को जबरदस्ती अपनी बीमा सेवाएं लेने के लिए मजबूर कर रही थीं। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को ईरान द्वारा बंधक बनाए जाने की अनुमति नहीं देगा और न ही शिपिंग के जरिए IRGC को अपना काम चलाने देगा। इस कार्रवाई की अधिक जानकारी ट्रेजरी विभाग की प्रेस विज्ञप्ति में उपलब्ध है।
समुद्री व्यापार और तेल निर्यात पर असर
इस वित्तीय अभियान के तहत 6 अगस्त 2026 को एक बड़ी सफलता तब मिली जब SeaLead Shipping नाम की कंपनी को पूरी तरह बंद कर दिया गया। यह कंपनी ईरान से अवैध रूप से तेल निर्यात करने में शामिल थी। इसे जुलाई 2025 में पहली बार प्रतिबंधित किया गया था और धीरे-धीरे अप्रैल और जुलाई 2026 में इसके खिलाफ शिकंजा और कसा गया। हालांकि, पूर्व ट्रेजरी अधिकारी Miad Maleki का कहना है कि पहले जो ईरान को तेल निर्यात में ढील दी गई थी, उसने हालात को और उलझा दिया है। उनका मानना है कि वेनेजुएला की तरह एस्क्रो अकाउंट मॉडल अपनाना ज्यादा बेहतर विकल्प होता।
खाड़ी देशों के लिए बढ़ता संकट
यह पूरा तनाव अब कूटनीतिक स्तर पर भी गहरा गया है। हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने को लेकर बातचीत की खबरें आ रही हैं, लेकिन राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी अभी जारी रखी है। स्थिति तब और बिगड़ गई जब ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araqchi ने खाड़ी देशों को चेतावनी दी कि अगर उन्होंने अमेरिका को हमलों को रोकने के लिए नहीं मनाया, तो वे उनके तेल, बिजली और पानी की सुविधाओं को निशाना बना सकते हैं। इस धमकी की जानकारी Saudi Press Agency पर साझा की गई है। इस संघर्ष के कारण वैश्विक बाजार में ऊर्जा की कीमतें बढ़ रही हैं, जिससे आम आदमी की जेब पर असर पड़ रहा है। अमेरिकी सीनेटर Ted Cruz ने तो ईरान में विरोध प्रदर्शनों को हथियार देने तक का प्रस्ताव दे दिया है ताकि वहां शासन को बदला जा सके।