Iran Sanctions: अमेरिका ने ईरान पर प्रतिबंध हटाने की खबरों को नकारा, कहा तेल और व्यापार पर पाबंदी जारी

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने उन खबरों को पूरी तरह से गलत बताया है जिनमें यह दावा किया गया था कि अमेरिका ने ईरान पर लगे सभी प्रतिबंधों को हटा दिया है। 5 अगस्त 2026 को फैली इन सूचनाओं के बाद आधिकारिक तौर पर सफाई देते हुए ट्रेजरी विभाग ने अपनी वेबसाइट पर स्पष्ट किया है कि ईरान पर कोई भी व्यापक प्रतिबंध अभी वापस नहीं लिए गए हैं। यह जानकारी उन लोगों के लिए बहुत जरूरी है जो अंतरराष्ट्रीय बाजार और खाड़ी देशों की राजनीति पर नजर रखते हैं क्योंकि ऐसी खबरों से व्यापार और तेल की कीमतों पर सीधा असर पड़ता है।
क्या है ईरान के साथ चल रहे समझौते की हकीकत
हकीकत यह है कि अमेरिका और ईरान के बीच इस समय बातचीत चल रही है, जिसका मकसद तनाव को कम करना है। 22 जून 2026 को जारी किए गए ईरान जनरल लाइसेंस एक्स के तहत 21 अगस्त 2026 तक ईरान के कच्चे तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों के निर्यात पर कुछ अस्थायी छूट दी गई है। यह कोई स्थायी फैसला नहीं है, बल्कि 60 दिनों का एक बातचीत का फ्रेमवर्क है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने 4 अगस्त 2026 को यह संकेत दिया था कि अगर ईरान Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही को मुक्त रखने और IAEA निरीक्षकों को देश में आने की अनुमति देने का वादा करता है, तो ही इसे आगे बढ़ाया जा सकता है।
नए प्रतिबंध भी लगाए गए हैं
मीडिया में चल रही खबरों के विपरीत, सच्चाई यह है कि अमेरिका ने हाल ही में ईरान पर और सख्ती की है। OFAC (Office of Foreign Assets Control) ने 29 और 30 जुलाई 2026 को ईरान की कई ऐसी कंपनियों और जहाजों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं, जो समुद्र में जबरन वसूली और Mahan Air की मदद करने में शामिल थे। इस बारे में अधिक जानकारी ऑफिशियल वेबसाइट पर देखी जा सकती है।
ईरान के अधिकारियों ने हालांकि यह माना है कि पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता में बात चल रही है, लेकिन उन्होंने परमाणु निरीक्षकों को अनुमति देने जैसी किसी भी नई शर्त को मानने से इनकार कर दिया है। साथ ही, उन्होंने Strait of Hormuz पर अपना पूर्ण नियंत्रण होने का दावा भी किया है। इस पूरे घटनाक्रम का सीधा असर खाड़ी के देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां से आने-जाने वाले लोगों पर भी पड़ता है, क्योंकि इस क्षेत्र में अशांति से तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और समुद्री मार्ग की सुरक्षा का मुद्दा हमेशा बना रहता है। फिलहाल, स्थिति पूरी तरह से जटिल है और कोई भी व्यापक रियायत ईरान को अभी तक नहीं मिली है।