US Treasury Secretary Scott Bessent ने किया बड़ा ऐलान, ईरान पर शिकंजा कसने के लिए शुरू हुई 'Economic D-Day' नीति.

अमेरिका के Treasury Department ने ईरान के खिलाफ आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए एक नई और बड़ी योजना की शुरुआत की है। इस खास पहल का नाम Economic D-Day रखा गया है, जिसके जरिए ईरान की आर्थिक स्थिति पर लगाम कसने की पूरी तैयारी कर ली गई है। U.S. Treasury Secretary Scott Bessent ने 24 August 2026 को ट्रेजरी डिपार्टमेंट में हुई एक अहम मीटिंग के दौरान इस बात की पूरी जानकारी साझा की। इस कदम का मुख्य मकसद अमेरिकी ट्रेजरी बाजारों की स्थिरता को बनाए रखते हुए ईरान की वित्तीय गतिविधियों पर शिकंजा कसना है।
ईरान के ऊर्जा स्रोतों और लेनदेन पर कड़ा पहरा
नई रणनीति के तहत अमेरिकी प्रशासन ईरान के ऊर्जा यानी एनर्जी रेवेन्यू और अंतरराष्ट्रीय लेन-देन के नेटवर्क को निशाना बनाएगा। प्रशासन की ओर से यह साफ कर दिया गया है कि जो विदेशी कंपनियां और वित्तीय संस्थान तेहरान के साथ व्यापार करना बंद नहीं करेंगी, उन पर कड़े सेकंडरी सैंक्शंस यानी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। इसका सीधा उद्देश्य ईरान को मिलने वाले अंतरराष्ट्रीय राजस्व और वित्तीय रास्तों को पूरी तरह से बंद करना है, ताकि वह अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत न कर सके।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने का दबाव और सैन्य टकराव से बचाव
इस नई नीति का एक और बड़ा मकसद ईरान पर हॉर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz को दोबारा खोलने के लिए दबाव बनाना है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इन सभी उपायों को इस तरह से लागू किया जा रहा है जिससे ईरान पर पूरा दबाव भी बना रहे और साथ ही क्षेत्र में किसी भी बड़े सैन्य टकराव या युद्ध की स्थिति को रोका जा सके। सरकार चाहती है कि कड़े आर्थिक प्रतिबंधों के जरिए ही ईरान को सही रास्ते पर लाया जाए और बिना युद्ध के क्षेत्रीय शांति को बढ़ावा दिया जाए।