अमेरिका ने ईरान पर लगाया अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक प्रतिबंध, तेहरान के खिलाफ शुरू हुआ नया अभियान

अमेरिकी वित्त मंत्री Scott Bessent ने सोमवार, 24 अगस्त 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ईरान के खिलाफ 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' नाम से एक बड़े आर्थिक अभियान की घोषणा की। इस नई मुहिम का मुख्य उद्देश्य ईरानी सरकार को मिलने वाली सभी आर्थिक मदद और वित्तीय साधनों को पूरी तरह से रोकना है, ताकि तेहरान वैश्विक बाजार में बिल्कुल अकेला पड़ जाए। अमेरिकी प्रशासन ने इसे अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय हमला बताया है जो किसी देश के खिलाफ शुरू किया गया है।
कड़े प्रतिबंधों के दायरे में पांच मुख्य सेक्टर
इन नए उपायों के तहत माध्यमिक प्रतिबंधों का दायरा काफी बढ़ा दिया गया है, जिसमें डिजिटल एसेट्स, तकनीक, सोना, विमानन और शिपिंग जैसे पांच प्रमुख क्षेत्रों को खासतौर पर निशाना बनाया गया है। अमेरिकी वित्त मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय कंपनियों और देशों को कड़ी चेतावनी देते हुए साफ कर दिया कि उन्हें या तो अमेरिका के साथ व्यापार करना होगा या फिर ईरान के साथ। इसके अलावा, जो भी संस्थान तेहरान के लिए मनी लॉन्ड्रिंग में लिप्त पाया जाएगा, उसे अमेरिकी डॉलर आधारित वित्तीय प्रणाली से हमेशा के लिए बाहर कर दिया जाएगा। उधर राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ईरान पूरी तरह से बिखर रहा है।
ईरान की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया और धमकियां
अमेरिका के इस बड़े कदम के बाद खुले बाजारों में ईरानी रियाल की कीमत गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई और यह गिरकर 20.2 लाख रियाल प्रति अमेरिकी डॉलर के भाव पर ट्रेड करने लगा। इस स्थिति पर ईरान के अधिकारियों ने तुरंत कड़ा रुख अपनाया। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने अमेरिका और उसका साथ देने वाले देशों को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। वहीं, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख Mohsen Rezai ने इस कदम को युद्ध की कार्रवाई करार देते हुए कहा कि इसका जवाब बहुत भयानक होगा। उन्होंने यह भी धमकी दी कि यदि दबाव कम नहीं हुआ तो ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी से होने वाले सभी तेल निर्यात को पूरी तरह से बंद कर देगा। दूसरी ओर, ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने जून महीने में हुए समझौता ज्ञापन को दोबारा लागू करने की अपील की ताकि इस अनिश्चित हालात से बाहर निकला जा सके।
वैश्विक व्यापार और तेल निर्यात पर असर
अमेरिका के यह नए प्रतिबंध ईरान सरकार की उन तमाम मुख्य आमदनी को रोकने के लिए बनाए गए हैं जिनसे उसे तेल की बिक्री, सैन्य साजो-सामान की खरीद और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़ी कंपनियों को फंड मिलता है। इन उपायों के तहत उन देशों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है जो ईरान के साथ लगातार व्यापारिक रिश्ते बनाए हुए हैं, जिसमें चीन का नाम भी शामिल है जो ईरान से सबसे ज्यादा तेल खरीदता है। इस घटनाक्रम से खाड़ी देशों और वैश्विक स्तर पर व्यापारिक हलचल तेज हो गई है।