US War Secretary Pete Hegseth की ईरान को सख्त चेतावनी, कहा- अमेरिकी सेना कभी भी कर सकती है हमला.

अमेरिका के युद्ध सचिव Pete Hegseth ने ईरान को लेकर एक बहुत बड़ा बयान दिया है और साफ कर दिया है कि अगर ईरान ने अपनी हरकतों से बाज नहीं आया और अमेरिकी सैन्य अभियानों में किसी भी तरह की दखलअंदाजी की, तो अमेरिका कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने यह चेतावनी 25 अगस्त 2026 को दी और बताया कि अमेरिका जरूरत पड़ने पर होर्मुज जलडमरूमध्य या इस पूरे इलाके में घातक यानी काइनेटिक सैन्य हमलों का इस्तेमाल करने के लिए पूरी तरह तैयार है। अमेरिका की तरफ से यह साफ कर दिया गया है कि सैन्य विकल्प टेबल से पूरी तरह हटाए नहीं गए हैं, हालांकि इस समय मुख्य जोर आर्थिक दबाव बनाने पर ही दिया जा रहा है।
अमेरिका और ईरान के बीच क्यों बढ़ रहा है तनाव
पिछले कुछ दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, देश इस समय ईरान पर आर्थिक शिकंजा कस रहा है और इसके लिए कई नए उपाय भी सोचे जा रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 20 अगस्त 2026 को ईरान के खिलाफ एक बड़े आर्थिक अभियान की घोषणा की थी। इसके बाद ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने 24 अगस्त 2026 को यह जानकारी दी थी कि वॉशिंगटन इस मामले में चुपचाप कूटनीति के साथ-साथ नए प्रतिबंध लगाने की योजना पर भी काम कर रहा है। इसके बावजूद अमेरिकी सेना ने यह साफ कर दिया है कि अगर कूटनीति काम नहीं करती है और अमेरिकी सैनिकों या कमर्शियल जहाजों को कोई खतरा होता है, तो सेना तुरंत और कड़ा जवाब देगी।
समुद्र में जहाजों की जब्ती और पुरानी घटनाएं
यह पूरा विवाद अचानक पैदा नहीं हुआ है, बल्कि पिछले एक साल से इस क्षेत्र में लगातार उथल-पुथल मची हुई है। इसी साल 20 अप्रैल 2026 को ओमान की खाड़ी में एक ईरानी जहाज TOUSKA को जब्त कर लिया गया था। ईरान की सरकार ने इस कार्रवाई को पूरी तरह से समुद्री डकैती करार दिया था, लेकिन अमेरिका ने इसका बचाव करते हुए कहा था कि यह नौसैनिक नाकेबंदी का पालन कराने के लिए बेहद जरूरी कदम था। अमेरिकी नियमों के मुताबिक, अगर ईरान अमेरिकी बलों या समुद्री रास्तों पर खदानें बिछाने जैसी हरकतें करता है, तो अमेरिकी सेना घातक बल का प्रयोग करने के लिए अधिकृत है। इन तमाम घटनाओं को देखते हुए आने वाले दिनों में इस क्षेत्र की स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है। अधिक जानकारी के लिए आप ANI News और आधिकारिक US War Department की वेबसाइट पर जा सकते हैं।