अमेरिका में बड़ी कार्रवाई: भारतीय मूल के व्यक्ति समेत 25 लोगों की नागरिकता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू

अमेरिका में रहने वाले प्रवासियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी सरकार ने 17 देशों के 25 नागरिकों की नागरिकता छीनने की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी है। इस सूची में भारतीय मूल के व्यक्ति के साथ-साथ पाकिस्तान, मोल्दोवा और अन्य देशों के नागरिक भी शामिल हैं। इन लोगों पर गलत पहचान का इस्तेमाल करने, हत्या का प्रयास करने और बाल यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप लगे हैं, जिसके बाद न्याय विभाग ने यह कड़ा कदम उठाया है।
नागरिकता रद्द करने के पीछे की वजह
अमेरिकी न्याय मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई 3 अगस्त को सार्वजनिक की गई। कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी नागरिकता एक बड़ा विशेषाधिकार है जिसे केवल ईमानदारी और कानूनी तरीके से ही हासिल किया जाना चाहिए। जिन लोगों ने धोखाधड़ी, तथ्यों को छिपाने या गलत पहचान का सहारा लेकर नागरिकता प्राप्त की है, उनके खिलाफ कानून का शिकंजा कस गया है। यह अमेरिकी न्याय मंत्रालय के इतिहास में अपनी तरह की अब तक की सबसे बड़ी और समन्वित कार्रवाई मानी जा रही है, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक शुरुआत है।
भारतीय मूल के नरेन्द्र सिंह पर भी गाज
इस लिस्ट में भारतीय मूल के 65 वर्षीय नरेन्द्र सिंह का नाम भी शामिल है। उनके खिलाफ डेलावेयर जिला न्यायालय में मुकदमा दायर किया गया है। विभाग के मुताबिक, सिंह ने साल 1996 से अमेरिका में प्रवेश पाने के लिए दो अलग-अलग पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल किया था और वह 1 मई, 2008 को अमेरिकी नागरिक बने थे। अब उनके खिलाफ कुल सात आरोप लगाए गए हैं, जिसके चलते उनकी नागरिकता समाप्त करने की मांग की गई है।
किन देशों के लोग हैं शामिल
इस बड़ी कानूनी प्रक्रिया के दायरे में आने वाले देशों में मुख्य रूप से पाकिस्तान, भारत, मोल्दोवा, मेक्सिको, कोलंबिया, नाइजीरिया, लाइबेरिया, घाना, जमैका, ताइवान, होंडुरास, कैमरून, जॉर्डन, क्यूबा, अल साल्वाडोर, हैती और स्वीडन शामिल हैं। इनमें पाकिस्तान मूल के जिया मुराद भट्टी और मोहम्मद वासिफ जैसे लोग भी शामिल हैं। न्याय विभाग के सिविल डिवीजन के असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल ब्रेट ए. शुमेट ने बताया कि इन सभी व्यक्तियों ने ऐसे अपराध किए हैं जो अमेरिकी नागरिकता के नियमों और मानकों के बिल्कुल अनुकूल नहीं हैं।
न्याय विभाग के पास 20 जुलाई से 3 अगस्त के बीच ये शिकायतें दर्ज की गई हैं। इससे पहले भी पिछले साल 20 जनवरी से न्याय विभाग ने नागरिकता रद्द करने के लिए कुल 123 शिकायतें दर्ज की थीं। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अमेरिका की नागरिकता का गलत फायदा उठाने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई हो सके। यह कदम उन सभी प्रवासियों के लिए एक चेतावनी है जो किसी भी तरह की गलत जानकारी या धोखाधड़ी के माध्यम से विदेश में अपनी पहचान बनाने की कोशिश करते हैं।