America: अमेरिकी अप्रवासन हिरासत केंद्र में कैदी की मौत, न्यू जर्सी के नेवार्क में लोगों का प्रदर्शन और डेलाने हॉल को बंद करने की मांग

अमेरिका के न्यू जर्सी प्रांत के नेवार्क शहर में सोमवार रात को एक अप्रवासन हिरासत केंद्र के बाहर जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला है। स्थानीय लोगों ने डेलाने हॉल इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर के गेट पर इकट्ठा होकर जमकर नारेबाजी की और इस सेंटर को फौरन बंद करने की मांग उठाई। इस प्रदर्शन की मुख्य वजह इसी हिरासत केंद्र के अंदर शनिवार को एक कैदी की अचानक हुई मौत है। इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं में भारी गुस्सा है और वे लगातार सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
कैदी की पहचान और मौत की वजह
मृतक कैदी की पहचान 41 वर्षीय एडविन लोपेज कोर्नेजो के रूप में हुई है जो मूल रूप से अल साल्वाडोर के रहने वाले थे। एडविन लोपेज कोर्नेजो आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन यानी ICE की हिरासत में बंद थे। संघीय गृह सुरक्षा विभाग यानी DHS ने इस बात की पुष्टि की है कि हिरासत के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से उनकी मौत हो गई। सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक जब एडविन की हालत बिगड़ी तो केंद्र के स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपने स्तर पर उनका इलाज करने की कोशिश की और तुरंत इमरजेंसी मेडिकल सेवाओं के लिए 91 पर कॉल किया। हालांकि उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। गृह सुरक्षा विभाग ने यह भी साफ किया है कि मौत के आधिकारिक कारणों की सही जानकारी पूरी जांच के बाद ही सामने आएगी।
पुराना मामला और गिरफ्तारी
अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार एडविन लोपेज कोर्नेजो को साल 2006 में पहली बार गैरकानूनी तरीके से अमेरिका में प्रवेश करने के आरोप में पकड़ा गया था। उस समय उन्हें वापस उनके देश भेज दिया गया था। इसके कुछ दिन बाद वह फिर से गैरकानूनी रूप से अमेरिका में घुस आए थे। इसके बाद अमेरिकी एजेंसी आईसीई ने उन्हें पिछले महीने यानी 18 जुलाई को न्यू जर्सी के प्लेनफील्ड से फिर से गिरफ्तार किया था जिसके बाद से वह इसी हिरासत केंद्र में रह रहे थे।
परिजनों का दर्द और मानवाधिकारों के सवाल
एडविन की मां मारिया ने इस दुखद घटना के बाद अपना दर्द बयां करते हुए एक बयान जारी किया है। उन्होंने बताया कि एडविन की एक छोटी बेटी है और वह एक बहुत अच्छे पिता थे। मां ने रोते हुए कहा कि उनके पास अपने बेटे के बारे में कहने के लिए कुछ भी बुरा नहीं है और उन्होंने अपने बेटे को आईसीई के हाथों हमेशा के लिए खो दिया है। मां का कहना है कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि वह इस गहरे दर्द से कैसे बाहर आएंगी क्योंकि यह सिस्टम मेहनती लोगों को निशाना बनाता है। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि इस साल की शुरुआत से ही डेलाने हॉल के अंदर कैदियों के साथ होने वाले अमानवीय बर्ताव को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन होते रहे हैं।
गवर्नर और प्रदर्शनकारियों की दो टूक मांग
इस पूरी घटना के बाद न्यू जर्सी की गवर्नर मिकी शेरिल ने भी अपना बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि वह इस घटना से बेहद परेशान हैं और उनका आरोप है कि जब डेलाने हॉल की जांच की जा रही थी तब उसमें जानबूझकर रुकावटें डाली गईं। गवर्नर मिकी शेरिल ने साफ शब्दों में मांग की है कि अब इस डेलाने हॉल को पूरी तरह से बंद कर दिया जाना चाहिए। आपको बता दें कि डेलाने हॉल एक निजी अप्रवासन हिरासत केंद्र है जिसे इसी साल मई 2025 में फिर से खोला गया था और इसका संचालन द जीईओ ग्रुप के हाथों में है। अब देखना यह होगा कि इस भारी विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक दबाव के बाद अमेरिकी प्रशासन इस मामले में क्या कड़े कदम उठाता है।