USS George Washington Middle East पहुंचे, ईरान के खिलाफ तनाव के बीच हुआ बड़ा बदलाव.

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेना का बड़ा युद्धपोत USS George Washington Carrier Strike Group बुधवार, 19 अगस्त 2026 को मध्य पूर्व पहुंच गया। इस बात की पुष्टि अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने गुरुवार, 20 अगस्त को की। इस युद्धपोत के आने से उस पुराने युद्धपोत को राहत मिली है जो पिछले लंबे समय से समंदर में तैनात था।
USS Abraham Lincoln की लंबी तैनाती और परेशानियां
यह नया युद्धपोत USS Abraham Lincoln की जगह लेने आया है जो पिछले 270 दिनों से भी ज्यादा समय से अपनी ड्यूटी पर था। इस युद्धपोत ने ईरान के खिलाफ चल रहे अभियानों के समर्थन में लगातार 250 दिनों से ज्यादा का समय समंदर में बिताया था। इतने लंबे समय तक समंदर में रहने की वजह से जहाज पर मौजूद लगभग 5,000 नाविकों और नौसैनिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जहाज पर खाने-पीने की चीजों, साफ पानी और हाइजीन प्रोडक्ट्स की कमी की खबरें सामने आई थीं। इसके अलावा पानी दूषित होने और प्लंबिंग खराब होने की समस्याएं भी देखने को मिलीं। परिवार के लोगों और मीडिया ने नाविकों की मानसिक स्थिति को लेकर भी चिंता जताई थी और कुछ लोगों के समंदर में कूदने की कोशिश करने की खबरें भी आईं थीं। हालांकि, रक्षा सचिव Pete Hegseth ने इन सभी रिपोर्टों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें गलत बताया था। राष्ट्रपति Donald Trump ने भी इन खबरों को फर्जी करार दिया था और कहा था कि तैनाती का समय अभी और लंबा होना चाहिए था।
नई तैनाती और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
नौसेना के कार्यवाहक सचिव Hung Cao ने इस रोटेशन का बचाव करते हुए कहा कि क्रू ने अपना काम बेहतरीन तरीके से किया है और सैनिकों की सुरक्षा सबसे पहले आती है। एक नौसेना अधिकारी ने यह भी माना कि क्रू पर काम का बहुत दबाव था, हालांकि आत्महत्या के विचारों में कोई बढ़ोतरी नहीं देखी गई। अधिकारी ने अगस्त की शुरुआत की एक घटना का जिक्र किया जिसमें एक नाविक समंदर में गिर गया था जिसे बाद में सुरक्षित बचाकर इलाज के लिए भेज दिया गया था।
इन官方 बयानों के बावजूद डेमोक्रेटिक सांसदों जैसे सीनेटर Richard Blumenthal, प्रतिनिधि Mike Levin, प्रतिनिधि Sara Jacobs और सीनेटर Ruben Gallego ने जहाज के हालात की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। USS George Washington के साथ USS Robert Smalls और USS Shoup जैसे ताकतवर युद्धपोत भी मौजूद हैं। इस बदलाव के बाद अब पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका के पास कोई विमानवाहक पोत नहीं बचा है। यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ आर्थिक कार्रवाई का ऐलान किया है और चेतावनी दी है कि जो देश ईरान से व्यापार करेगा उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। क्षेत्र में पहले से ही USS George H.W. Bush और USS Boxer जैसे सैन्य जहाज भी तैनात हैं।