West Bank में इसराइलीSettlers का आतंक बढ़ा, पिछले बीस सालों में सबसे ज़्यादा हमले हुए दर्ज.

Occupied West Bank में फिलिस्तीनी नागरिकों पर इसराइली Settlers के हमले पिछले 20 सालों में अपने सबसे तेज़ स्तर पर पहुँच गए हैं। मानवाधिकार संगठनों ने इस बात की जानकारी दी है कि स्थानीय फिलिस्तीनी समुदायों को उनकी ज़मीन से हटाने के मक़सद से इस हिंसा का इस्तेमाल बहुत योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा है। आम आदमी और आम पाठकों के लिए इस पूरी स्थिति को समझना बेहद ज़रूरी है क्योंकि यह इंसानी अधिकारों से जुड़ा एक बड़ा मामला है।
इसराइली हमलों के आंकड़े और चौंकाने वाली बढ़ोतरी
Colonization and Wall Resistance Commission यानी CWRC की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2026 के पहले सात महीनों में Settlers द्वारा कुल 4,113 हमलों को दर्ज किया गया। पिछले साल यानी 2025 की इसी अवधि में यह आंकड़ा 2,524 घटनाओं का था, जिसका मतलब है कि इन हमलों में सीधे तौर पर 63% की बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिली है। इस साल के जून और जुलाई के महीने सबसे ज़्यादा हिंसा वाले रहे, जिनमें क्रमशः 748 और 798 हमलों को रिकॉर्ड किया गया।
संयुक्त राष्ट्र की संस्था OCHA के आंकड़ों से यह बात सामने आती है कि हर दिन औसतन 6.6 Settler हमले हो रहे हैं, जिनकी वजह से आम लोगों को चोटें लग रही हैं और उनकी संपत्ति का भारी नुक़सान हो रहा है। अगर 24 जुलाई तक की बात करें तो इस साल कम से कम 15 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं। Human Rights Watch यानी HRW की रिपोर्ट बताती है कि इस लगातार बढ़ती हिंसा के कारण जनवरी 2023 से लेकर अब तक कुल 107 समुदायों के 5,900 फिलिस्तीनियों को पूरी तरह या आंशिक रूप से अपना घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है।
हाल की घटनाएं और मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्ट्स
हाल ही में हुई घटनाओं में 21 अगस्त को Sa'ir इलाके में Settler की गोलीबारी के कारण 17 साल के Karim Sanad Raja Shalaldeh की मौत हो गई। इसके अलावा अगस्त के आखिर में Nablus के दक्षिण में हुई हिंसा में दो फिलिस्तीनी पुरुष मारे गए, जहां Palestine Red Crescent Society ने यह भी बताया कि सैनिकों ने एम्बुलेंस को आगे जाने से रोका था। Human Rights Watch की रिसर्चर Sarah Sanbar ने यह बयान दिया कि इसराइली अधिकारी कानूनी सुरक्षा, फंडिंग और हथियार देकर इस हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं।
7 अक्टूबर 2023 के बाद से इसराइली सेना ने वेस्ट बैंक के करीब 5,500 Settlers को क्षेत्रीय रक्षा बटालियन में रिजर्व सैनिकों के रूप में तैनात किया है। इसके अलावा 25 अगस्त 2026 को इसराइली Settlers ने Bethlehem के पास AFP के पत्रकारों पर हमला कर दिया, जिसमें कम से कम पाँच लोग घायल हुए और उनके उपकरण भी टूट गए। व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रवक्ता John Kirby ने 25 अगस्त को यह पुष्टि की कि अमेरिका इन घटनाओं को लेकर इसराइल के साथ लगातार बातचीत कर रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय कानून और जवाबदेही की कमी
संयुक्त राष्ट्र के राजनीतिक मामलों के प्रमुख Rosemary DiCarlo ने 24 अगस्त को सुरक्षा परिषद को यह जानकारी दी थी कि इस तरह के अपराधों के लिए न्याय मिलना बहुत मुश्किल है और Settler हिंसा की 93% से ज़्यादा जाँच बिना किसी आरोप पत्र के बंद कर दी जाती है। इसराइल का यह तर्क है कि घरेलू कानून के तहत सरकारी अनुमति और राज्य की भूमि पर ही बस्तियों का निर्माण होना चाहिए, लेकिन संयुक्त राष्ट्र और अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय समेत पूरा अंतर्राष्ट्रीय समुदाय यह मानता है कि वेस्ट बैंक की सभी इसराइली बस्तियां अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत पूरी तरह अवैध हैं, जो विशेष रूप से चौथे जिनेवा कन्वेंशन के अनुच्छेद 49 का उल्लंघन करती हैं।