West Bank में बढ़ रहा है हिंसा का खतरा, Qaryut गांव के लोगों को जबरन घर छोड़ने पर किया जा रहा है मजबूर।

Sushma Kumari21 August 20263 min read58 viewsWorld
West Bank में बढ़ रहा है हिंसा का खतरा, Qaryut गांव के लोगों को जबरन घर छोड़ने पर किया जा रहा है मजबूर।

कब्जे वाले West Bank के Qaryut गांव के रहने वाले लोग इस समय बहुत मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। गांव के लोगों का कहना है कि इजरायली सेटलर्स यानी बस्तियों में रहने वाले लोगों के हमले और सेना के कड़े नियमों की वजह से परिवारों को अपनी पुरानी जमीन छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि आम लोगों का जीना मुहाल हो गया है और वे अपनी ही जमीन पर सुरक्षित नहीं हैं।

गांव के चारों तरफ अवैध चौकियां

यह गांव इस समय कम से कम सात अवैध इजरायली चौकियों से घिरा हुआ है। 21 अगस्त 2026 को सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, वहां की मानवीय स्थिति दिन-प्रतिदिन बहुत खराब होती जा रही है। गांव के लोगों की जमीन तक पहुंच को बहुत ज्यादा सीमित कर दिया गया है। Qaryut गांव की कुल 22,000 dunams जमीन में से अब सिर्फ 360 dunams जमीन ही ऐसी बची है जिस तक वहां के लोग पहुंच सकते हैं। बाकी सारी जमीन पर पाबंदी लगा दी गई है या वहां जाना असंभव हो गया है।

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मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्ट्स और आंकड़े

Qaryut गांव का यह संकट मानवाधिकार संगठनों और संयुक्त राष्ट्र द्वारा दर्ज की जा रही एक बड़ी समस्या का हिस्सा है। Human Rights Watch द्वारा 20 अगस्त 2026 को जारी की गई एक रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2023 से लेकर अब तक सेटलर्स की हिंसा की वजह से West Bank की 107 बस्तियों और समुदायों को विस्थापित होना पड़ा है। इस हिंसा का शिकार आम लोग हो रहे हैं, जिन्हें अपने ही घरों से बेघर होना पड़ रहा है।

इस हिंसा के पीड़ितों में 72 साल की Um Muhammad Muammar भी शामिल हैं, जिन्होंने अपने परिवार को खोने का दर्द झेला है। उन्होंने बताया कि 2 मार्च 2026 को हुई एक हिंसा की घटना में सेटलर्स ने उनके बेटों 52 साल के Muhammad और 48 साल के Fahim की हत्या कर दी। इस हमले में उनका एक और बेटा 46 साल का Jamil बुरी तरह घायल हो गया। इजरायली सेना ने यह जरूर कहा कि इस गोलीबारी की घटना के सिलसिले में एक सक्रिय रिजर्व सैनिक की पहचान की गई है और उसकी जांच की जा रही है, लेकिन आलोचकों का मानना है कि इस तरह की हिंसा को सरकारी स्तर पर बढ़ावा मिल रहा है।

संयुक्त राष्ट्र के आंकड़े

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय OCHA द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, Qaryut में सेटलर्स के हमले साल 2025 में बढ़कर कम से कम 43 घटनाओं तक पहुंच गए थे। यह आंकड़ा पिछले दो सालों में दर्ज की गई कुल घटनाओं के बराबर था। आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि साल 2026 के पहले चार महीनों में, सेटलर्स की हिंसा, घरों को तोड़ने और बेदखली की वजह से जितने फिलिस्तीनी विस्थापित हुए, उतने पूरे साल 2025 में हुए थे। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप ReliefWeb Report पर जा सकते हैं।

इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की रिपोर्ट्स बताती हैं कि इजरायली सरकार ने सेटलमेंट और नेशनल मिशन मंत्रालय के बजट में 122 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। मार्च 2026 में अवैध चौकियों को ड्रोन और ऑल-टर्रिन वाहनों जैसे उपकरणों से लैस करने के लिए लगभग 50 मिलियन शेकेल यानी करीब 16 मिलियन डॉलर का बजट अलग से दिया गया है। जैसे-जैसे तनाव बढ़ रहा है, 20 अगस्त 2026 को इजरायली सैन्य नेताओं ने रक्षा मंत्री Israel Katz को इन लगातार टकरावों की वजह से बड़े पैमाने पर अशांति फैलने की संभावना को लेकर एक रणनीतिक चेतावनी भी जारी की है।

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