West Bank में इसराइली सेटलर का आतंक, कुस्रा गांव के 15 लोग एक हफ़्ते से घर में कैद

कब्जे वाले वेस्ट बैंक के कुस्रा गांव में हालात बेहद खराब हो गए हैं और वहां मानवीय संकट लगातार गहराता जा रहा है। इसराइली सेटर्स की हिंसा के कारण अबू रिदा और हसन परिवार के 15 फलस्तीनी, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं, पिछले एक हफ्ते से एक ही घर के अंदर कैद रहने को मजबूर हैं। इन परिवारों को खाने-पीने की जरूरी चीजें, साफ पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं से पूरी तरह काट दिया गया है, जिससे उनकी स्थिति दिन-प्रतिदिन बद से बदतर होती जा रही है।
संयुक्त राष्ट्र की सहायता रोकी गई
इस गंभीर स्थिति के बीच संयुक्त राष्ट्र ने प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने की कोशिश की थी। राहत और बचाव कार्य के तहत रविवार, 16 अगस्त को यूनिसेफ ने एक पानी का टैंकर गांव में भेजने का प्रयास किया, लेकिन सैन्य बलों ने रास्ते में ही उस टैंकर को रोक दिया और वापस खदेड़ दिया। इस वजह से घर के अंदर फंसे लोगों तक राहत नहीं पहुंच पाई और वे लगातार पानी और जरूरी सामान के बिना रहने को मजबूर हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस घटना की कड़ी निंदा की जा रही है और मानवीय संगठनों ने इस पर गहरी चिंता जताई है.
सेना द्वारा क्षेत्र को बंद सैन्य क्षेत्र घोषित किया
इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए रिपोर्ट में बताया गया है कि इसराइली सेना ने इस इलाके को बंद सैन्य क्षेत्र घोषित कर दिया है। हालांकि सेना का कहना है कि यह कदम हालात को संभालने के लिए उठाया गया है, लेकिन दूसरी तरफ यह भी सामने आया है कि सैनिक महीनों से घरों को निशाना बना रहे हथियारबंद सेटर्स की हरकतों को रोकने में नाकामयाब रहे हैं। भले ही इसराइली सेना ने आधिकारिक तौर पर सेटर्स की इन हरकतों की निंदा की है और कुछ नजदीकी चौकियों को हटाया भी है, लेकिन मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय अधिकारियों ने इस नाकाबंदी को आतंक की कार्रवाई करार दिया है। इस संबंध में अमेरिका के इस्राइल में राजदूत माइक हक्काबी सहित कई वैश्विक अधिकारियों ने भी अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।
गांव के हालात अभी भी बहुत तनावपूर्ण बने हुए हैं और नगर पालिका के कर्मचारी बुनियादी ढांचे की मरम्मत के लिए मौके पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। सेटर्स की तरफ से लगातार हो रहे हमलों के कारण बिजली और पानी की टूटी हुई लाइनों को ठीक करना मुमकिन नहीं हो पा रहा है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप ReliefWeb Report पर जा सकते हैं, जहां इस पूरी स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है। लगातार हो रही हिंसा और प्रशासनिक रुकावटों के कारण घिरे हुए परिवारों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं और वे हर रोज बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।