West Bank Violence: वेस्ट बैंक में हिंसा और विस्थापन से हालात बेकाबू, मानवाधिकार रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा.

वेस्ट बैंक में हाल के दिनों में हालात बहुत ज्यादा खराब हो गए हैं और आम लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। Human Rights Watch की तरफ से 20 अगस्त 2026 को जारी की गई एक नई रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि वहां लगातार हिंसा बढ़ रही है। इस बढ़ती हिंसा के कारण जनवरी 2023 से लेकर अब तक करीब 5,900 फलस्तीनी लोगों को अपने घरों को छोड़कर जाने पर मजबूर होना पड़ा है। यह विस्थापन कुल 107 समुदायों के बीच हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों में काफी डर का माहौल बना हुआ है।
हिंसा और बस्तियों का बढ़ता दायरा
यह पूरी जांच रामल्ला, अल-बीरेह, نابلس (Nablus) और जॉर्डन वैली के गांवों में की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक इन इलाकों में लोगों की हत्याएं, यौन हिंसा, आगजनी, चोरी और संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाएं दर्ज की गई हैं। हैरानी की बात यह है कि ये सारे हमले अक्सर इजरायली सेना के जवानों की मौजूदगी में होते हैं और वे इन मामलों में बीच-बचाव नहीं करते हैं। मार्च और अप्रैल 2026 के महीनों में यह हिंसा बहुत ज्यादा बढ़ गई थी। इसके अलावा 18 अगस्त 2026 को इजरायली हाउसिंग मिनिस्ट्री ने ई1 सेटलमेंट प्रोजेक्ट के तहत 1,234 हाउसिंग यूनिट्स के लिए टेंडर निकाला है। पीस नाउ संगठन ने बताया कि इसके लिए बोली लगाने की आखिरी तारीख 19 अक्टूबर 2026 तय की गई है जो कि 27 अक्टूबर को होने वाले इजरायली चुनावों से ठीक पहले है। डिफेंस मिनिस्टर Israel Katz ने जुलाई 2026 में बताया था कि सरकार के आने के बाद से कुल 104 नई बस्तियों को मंजूरी मिल चुकी है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया
इस पूरी स्थिति को लेकर दुनिया भर के देशों और संगठनों की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। 20 अगस्त 2026 को यूनाइटेड किंगडम ने इस प्रोजेक्ट का विरोध जताने के लिए इजरायल के चार्ज डी अफेयर्स को तलब किया। वहां के विदेश मंत्री Ed Miliband ने इस विस्तार को एक अस्वीकार और विनाशकारी कदम बताया और इस पर प्रतिबंध लगाने की बात कही। इसके अलावा यूनाइटेड नेशंस के सेक्रेटरी-जनरल António Guterres ने 19 अगस्त 2026 को इस पर गहरी चिंता जताई और साफ कहा कि इस तरह की बस्तियां बसाना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। यूएन ह्यूमन राइट्स ऑफिस ने भी इजरायल से कहा है कि वह बड़े अधिकारियों के भड़काऊ बयानों की जांच करे क्योंकि ऐसे बयानों से भारी हिंसा फैलने का खतरा रहता है।
खतरे के निशान पर वेस्ट बैंक
यूएन के डिप्टी स्पेशल कोऑर्डिनेटर Ramiz Alakbarov ने 11 अगस्त 2026 को सुरक्षा परिषद को चेतावनी दी थी कि वेस्ट बैंक इस समय एक बहुत ही नाजुक मोड़ पर पहुंच चुका है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार साल 2025 के शुरुआती छह महीनों की तुलना में 2026 की पहली छमाही में अवैध बस्तियों की हिंसा में 63 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। 10 अगस्त 2026 तक इस साल वेस्ट बैंक में कम से कम 76 फलस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें 18 बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा 9 से 16 अगस्त 2026 के बीच कुस्रा गांव में भी भारी तनाव देखा गया, जिसके बाद इजरायल में अमेरिकी राजदूत Mike Huckabee ने हमला करने वाले सेटलर्स को इजरायली आतंकवादी करार दिया।