World Bank की चेतावनी, लेबनान की अर्थव्यवस्था में होगी 6.4% की भारी गिरावट, जंग ने रोकी तरक्की.

लेबनान के हालात एक बार फिर से बेहद खराब होते नजर आ रहे हैं क्योंकि World Bank ने एक नई रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के अनुसार साल 2026 में लेबनान की जीडीपी में 6.4% की भारी गिरावट देखने को मिलेगी। इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजह लगातार चल रहे सैन्य हमले और दक्षिणी लेबनान के कुछ हिस्सों पर कब्जा बताया गया है। इस संघर्ष की वजह से देश की संभावित जीडीपी ग्रोथ में 10.4 प्रतिशत की जोरदार कमी आई है, जिससे आम जनता की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ गई हैं।
साल 2025 की उम्मीदों पर फिरा पानी
अगर पिछले साल की बात करें तो स्थिति थोड़ी बेहतर थी और साल 2025 में लेबनान ने अनुमानित 4.2% की वास्तविक जीडीपी ग्रोथ दर्ज की थी। यह साल 2019 के वित्तीय संकट के बाद से सबसे अच्छी रिकवरी थी, जिससे लोगों के मन में थोड़ी उम्मीद जगी थी। लेकिन मार्च 2026 में अचानक से संघर्ष बढ़ने के कारण यह रिकवरी बीच में ही रुक गई। इसके अलावा सप्लाई चेन टूटने, शिपिंग का खर्च बढ़ने और कच्चे तेल के दाम आसमान छूने की वजह से देश में महंगाई दर बढ़कर 17.5% तक पहुंचने की पूरी आशंका जताई गई है। लेबनान के अर्थव्यवस्था मंत्री Amr Bisat ने पहले ही आशंका जताई थी कि इस साल आर्थिक संकुचन 7% तक पहुंच सकता है।
स्वास्थ्य और मानवीय संकट गहराया
इस संघर्ष की वजह से देश में इंसानी नुकसान भी बहुत ज्यादा हुआ है। लेबनान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 2 मार्च 2026 से लेकर अब तक इजरायली हमलों में 4,348 लोगों की जान जा चुकी है और 12,307 लोग बुरी तरह घायल हुए हैं। हालांकि करीब 860,000 विस्थापित लोग अपने घरों को वापस लौट चुके हैं, लेकिन संयुक्त राष्ट्र यानी UN की रिपोर्ट के मुताबिक अब भी 360,000 लोग अपने घरों से दूर रहने को मजबूर हैं। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन UNIFIL को साल 2027 में पूरी तरह से वापस जाने का कार्यक्रम तय किया गया है।
सरकारी खजाने पर दबाव और आगे की राह
साल 2025 में जीडीपी के 3.9% सरप्लस के बाद साल 2026 की पहली छमाही में सरकारी वित्त ने कुछ हद तक मजबूती दिखाई थी। लेकिन World Bank ने चेतावनी दी है कि मानवीय सहायता का खर्च, टूटे हुए हिस्सों को फिर से बनाने की मांग और कम होती कमाई की वजह से सरकार पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। World Bank की मध्य पूर्व निदेशक Dahlia Khalifa ने इस बात पर जोर दिया है कि बैंकिंग सेक्टर में सुधार और वित्तीय प्रबंधन निवेशकों का भरोसा वापस पाने के लिए बहुत जरूरी है। इस बीच कूटनीतिक कोशिशें भी जारी हैं और लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni से अपील की है कि वे इजरायल पर दबाव बनाएं ताकि पुराने समझौतों का पालन किया जा सके। देश में पर्यटन और घरेलू खरीद-फरोख्त पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है जबकि देश का सार्वजनिक कर्ज बिना किसी समझौते के लगातार बढ़ता जा रहा है।