Yemen: हूती विद्रोहियों की बढ़ती आक्रामकता पर भड़का यमन, कहा- अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अब लेनी होगी सख्त कार्रवाई

यमन के सूचना मंत्री ने हूती विद्रोहियों की ओर से लगातार बढ़ रही आक्रामकता को लेकर दुनिया भर के देशों से सख्त कदम उठाने की अपील की है। सरकार का मानना है कि लाल सागर (Red Sea) के रास्तों पर जिस तरह से हमले किए जा रहे हैं, उससे न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक शांति भी खतरे में पड़ गई है। मंत्री ने साफ कहा है कि इस मुद्दे को अब और अधिक नजरअंदाज करना दुनिया के व्यापार के लिए नुकसानदेह साबित होगा।
समुद्री सुरक्षा और हूती हमलों का खतरा
मंत्री ने बताया कि हूती लड़ाकों ने हाल ही में भारतीय जहाज और सऊदी अरब के इलाकों को निशाना बनाया है, जो यह बताता है कि इनका दायरा अब तेजी से फैल रहा है। हूती विद्रोही अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्गों को अपना बंधक बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे तेल और अन्य जरूरी सामानों की सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है। इस पूरे घटनाक्रम के पीछे ईरान का हाथ होने की बात कही गई है, जो अपने सहयोगियों के जरिए सामरिक समुद्री गलियारों में अस्थिरता पैदा करने की योजना पर काम कर रहा है।
खतरे में दुनिया का समुद्री व्यापार
लाल सागर और बाब अल-मंडेब (Bab al-Mandab) जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते अब हूती और उनके समर्थकों के लिए ब्लैकमेल करने का जरिया बनते जा रहे हैं। यदि समय रहते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो इन विद्रोही समूहों की ताकत और भी बढ़ जाएगी। मंत्री ने चेतावनी दी है कि हूती गुट को मिलने वाली फंडिंग और हथियारों की सप्लाई को पूरी तरह से बंद करने की जरूरत है। यदि दुनिया ने अब भी आंखें मूंदे रखीं, तो भविष्य में होने वाली हिंसा और व्यापारिक नुकसान की भरपाई करना बहुत महंगा पड़ेगा। यमन सरकार की तरफ से लगातार यह मांग की जा रही है कि हूती गुटों के खिलाफ वैश्विक स्तर पर एक मजबूत नीति अपनाई जाए, ताकि समुद्री रास्तों पर आने-जाने वाले जहाजों और वहां काम करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।