Yemen Conflict: हूतियों ने सऊदी अरब और तेल टैंकरों पर तेज किए हमले, यमनी सरकार ने दी कड़ी चेतावनी

Aanya6 August 20262 min read54 viewsYemen
Yemen Conflict: हूतियों ने सऊदी अरब और तेल टैंकरों पर तेज किए हमले, यमनी सरकार ने दी कड़ी चेतावनी

यमन में चल रहा संघर्ष एक बार फिर से गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है, जहां 6 अगस्त 2026 को यमनी अधिकारियों ने ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों पर क्षेत्रीय आक्रामकता और ब्लैकमेल करने का गंभीर आरोप लगाया है। यह स्थिति तब और बिगड़ी जब हूती लड़ाकों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार की सेनाओं और सऊदी अरब के महत्वपूर्ण ठिकानों पर अपने हमले तेज कर दिए। क्षेत्र में मची इस भारी अशांति के चलते सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई चुनौतियां सामने आई हैं, जो सीधे तौर पर आम लोगों और व्यापारिक समुद्री रास्तों को प्रभावित कर रही हैं।

हमलों का सिलसिला और हूती प्रवक्ता का दावा

हूती सैन्य प्रवक्ता Yahya Saree ने हाल के कई हमलों की जिम्मेदारी खुद ली है। उन्होंने बताया कि 4 अगस्त 2026 को सऊदी अरब के Najran Airport पर एक ड्रोन हमला किया गया था। हूतियों का कहना है कि यह हमला सऊदी अरब द्वारा हवाई क्षेत्र के कथित उल्लंघन के जवाब में किया गया है। इसके अलावा, 5 अगस्त 2026 को Yanbu के पास सऊदी तेल टैंकर Wafa और अदन की खाड़ी में Daisy जहाज को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि 22 जुलाई 2026 से अब तक उन्होंने कुल 8 सऊदी तेल टैंकरों पर हमला किया है और 29 अन्य जहाजों को रास्ता बदलने पर मजबूर किया है, हालांकि इन दावों की सऊदी अरब की तरफ से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

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जमीनी स्तर पर भारी नुकसान

हवाई हमलों के साथ-साथ जमीनी स्तर पर भी हिंसा काफी बढ़ गई है। 6 अगस्त 2026 को यमनी सरकारी बलों के शिविरों पर किए गए हमलों में कम से कम 30 से 45 सैनिकों की जान चली गई और करीब 50 जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। ये हमले मुख्य रूप से Marib और Hadhramaut प्रांतों में किए गए। हूती प्रवक्ता ने इन जमीनी हमलों को सऊदी सैन्य जमावड़े के खिलाफ एक जवाबी कार्रवाई बताया है।

क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक असर

इस हिंसा का सीधा असर समुद्री व्यापार पर पड़ा है। Strait of Hormuz और Bab-el-Mandeb जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही में काफी कमी देखी गई है, जो अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला के लिए चिंता का विषय है। ईरान के मीडिया ने भी इस बीच अपने क्षेत्रीय सहयोगियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि हूतियों और इराक में मौजूद ईरान समर्थित मिलिशिया के बीच एक संयुक्त संचालन मुख्यालय स्थापित किया गया है। यह घटनाक्रम दर्शाता है कि यमन का यह संकट अब क्षेत्रीय स्तर पर और भी व्यापक रूप ले रहा है, जिसके कारण खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और वहां के स्थानीय निवासियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

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