Yemen News: यमन में हूती मिलिशिया पर बड़ा हमला, सरकारी सेना ने सादा और Taiz में की कार्रवाई.

यमन में सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से मजबूत करने और देश की स्थिति को संभालने के लिए यमन की सैन्य ताकतों ने हूती मिलिशिया के खिलाफ अपना बड़ा अभियान छेड़ दिया है। 26 अगस्त 2026 को देश के अलग-अलग हिस्सों में सरकारी बलों ने हूती लड़ाकों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए उनके ठिकानों और हथियारों को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया है। इस कार्रवाई से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है और देश में सुरक्षा का स्तर भी काफी हद तक बढ़ाया जा रहा है ताकि आम नागरिकों की रक्षा की जा सके।
सादा और Taiz में सैन्य कार्रवाई
Saudi News की रिपोर्ट के मुताबिक, यमन की सेना ने सादा इलाके में कार्रवाई करते हुए हूती मिलिशिया के एक बड़े जमावड़े और वाहन को पूरी तरह से तबाह कर दिया। इसके अलावा Taiz प्रांत के Al-Safa इलाके में भी हूती लड़ाकों ने हमला करने की कोशिश की थी, जिसे यमन की सरकारी सेना ने पूरी तरह नाकाम कर दिया। यमन की सशस्त्र सेनाओं के मीडिया सेंटर के अनुसार, इस झड़प में 8 हूती लड़ाके मारे गए और 15 अन्य लोग घायल हो गए। सेना की इस सख्त कार्रवाई से विद्रोहियों के हौसले पस्त होते नजर आ रहे हैं और वे पीछे हटने को मजबूर हो रहे हैं।
Hudaydah में भी हुई बड़ी कार्रवाई
सरकार के साथ मिलकर काम करने वाली National Resistance Forces ने जानकारी दी कि लाल सागर यानी Red Sea के पास स्थित Hudaydah प्रांत में भी सेना ने जबरदस्त हवाई और जमीनी हमले किए। इन हमलों में कुल 14 हूती सदस्य मारे गए और 19 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सेना लगातार यमन के चप्पे-चप्पे पर नजर बनाए हुए है ताकि देश के भीतर किसी भी तरह की अशांति को फैलने से रोका जा सके और शांति की बहाली जल्द से जल्द की जा सके।
প্রেসিডेंशियल लीडरशिप काउंसिल (PLC) का बड़ा आदेश
यमन की Presidential Leadership Council (PLC), जिसकी अध्यक्षता Rashad al-Alimi कर रहे हैं, उन्होंने 26 अगस्त 2026 को एक आधिकारिक निर्देश जारी किया। इस निर्देश के तहत देश की सभी सैन्य, सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों को अपनी तैयारी सबसे ऊंचे स्तर पर रखने का हुक्म दिया गया है। काउंसिल ने सेना को यह अधिकार भी दे दिया है कि वे हूती कमांड सेंटरों और उनकी सैन्य ताकतों पर पहले से ही आक्रामक हमले कर सकें। इस रणनीति का मुख्य मकसद हूती नेताओं, उनके सैन्य सामान और मिलने वाले फंड के स्रोतों को भारी नुकसान पहुंचाना है ताकि वे आगे कोई बड़ा हमला न कर सकें।
काउंसिल ने एक बार फिर से इस बात को दोहराया कि वे देश की सरकारी संस्थाओं को फिर से स्थापित करने, पूरे राष्ट्रीय क्षेत्र पर अपना नियंत्रण वापस पाने और आम जनता के मानवीय संकट को खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। साथ ही स्थानीय अधिकारियों को यह सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे देश के आम नागरिकों, सरकारी इमारतों और राष्ट्रीय संपत्तियों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करें ताकि देश को किसी भी प्रकार के बाहरी या अंदरूनी खतरे से बचाया जा सके।