Yemen: मोखा पोर्ट पर हौथी विद्रोहियों का मिसाइल हमला, यमन के विदेश मंत्री ने दी कड़ी चेतावनी.

यमन के विदेश मंत्री Afrah al-Zouba ने मोखा पोर्ट और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर हौथी विद्रोहियों द्वारा किए गए सिलसिलेवार मिसाइल हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने विद्रोही समूह को यह चेतावनी दी है कि वे देश के जरूरी समुद्री रास्तों को बंधक बनाने की कोशिश बिल्कुल न करें। यह ताजा घटनाक्रम हाल ही में बढ़ी हुई हिंसा के बाद सामने आया है, जिसमें 14 अगस्त 2026 को पोर्ट पर हुआ एक बड़ा हमला भी शामिल है। इस घातक हमले में छह लोगों की मौत हो गई थी और कई कमर्शियल जहाजों को भी भारी नुकसान पहुंचा था।
समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति लाइनों पर मंडराता खतरा
यमन सरकार, जिसका नेतृत्व प्रेसिडेंट लीडरशिप काउंसिल के चेयरमैन Rashad al-Alimi कर रहे हैं, इन हमलों को ईरान समर्थित आक्रामकता का ही एक रूप मानती है। सरकार का यह कहना है कि यह हिंसा अंतरराष्ट्रीय सप्लाई लाइनों और देश के बुनियादी ढांचे को कमजोर करने के लिए की जा रही है। बाब अल-मदब जलडमरूमध्य यानी Bab al-Mandeb Strait में 11 अगस्त को एक बेहद खतरनाक घटना घटी थी। वहां मिस्र के स्वामित्व वाले जहाज Tihamah पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया गया था, जिसमें चालक दल के सदस्यों और सुरक्षाकर्मियों समेत कुल छह लोगों की जान चली गई थी।
संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों के साथ लगातार बातचीत
देश के विदेश मंत्री Afrah al-Zouba इस मामले को लेकर संयुक्त राष्ट्र यानी UN के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने यूएन की अंडर-सेक्रेटरी-जनरल Rosemary DiCarlo के साथ सक्रिय बातचीत की है। इस बातचीत के दौरान उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बंदरगाहों और कमर्शियल जहाजों पर किए जा रहे ये सुनियोजित हमले क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक व्यापार के लिए एक बड़ा खतरा बन चुके हैं। यमन सरकार का यह स्पष्ट रुख है कि लाल सागर यानी Red Sea के ट्रांजिट कॉरिडोर को लगातार निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए एक सीधी चुनौती है, जिसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।