Yemen में बढ़ा तनाव: Marib और Hadramout में Houthi विद्रोही का बड़ा हमला, 58 सैनिकों समेत कई नागरिकों की गई जान.

Nura Basta7 August 20262 min read58 viewsYemen
Yemen में बढ़ा तनाव: Marib और Hadramout में Houthi विद्रोही का बड़ा हमला, 58 सैनिकों समेत कई नागरिकों की गई जान.

यमन में हालात एक बार फिर से बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। पिछले दो दिनों के दौरान Marib और Hadramout गवर्नरेट में हूती विद्रोहियों ने बड़े स्तर पर सैन्य हमले किए हैं, जिसके कारण भारी जान-माल का नुकसान हुआ है। 7 अगस्त 2026 को मिली रिपोर्ट के मुताबिक, देश के अलग-अलग हिस्सों में हिंसक झड़पें जारी हैं, जिसमें अल-खोखा के उत्तरी इलाकों में भी भारी संघर्ष की खबरें सामने आई हैं।

हमले में भारी नुकसान और पीड़ितों का हाल

हूती सेना ने 6 और 7 अगस्त के बीच ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल का उपयोग करके सरकारी सैन्य ठिकानों और कैंपों को निशाना बनाया। यमन के सार्वजनिक स्वास्थ्य और जनसंख्या मंत्री Dr. Qasim Buhaibeh ने आधिकारिक पुष्टि की है कि इस हमले में 2 आम नागरिकों की मौत हो गई और 14 लोग घायल हुए हैं। बता दें कि Marib में विस्थापितों की एक बड़ी आबादी रहती है, जो इस हिंसा के कारण सबसे अधिक प्रभावित है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कम से कम 58 सरकारी सैनिकों की इन हमलों में जान गई है और दर्जनों अन्य घायल हुए हैं। इसके अलावा, सऊदी अरब के Najran क्षेत्र में भी हमला किया गया, जिसमें 11 लोग घायल हुए हैं। हूती प्रवक्ता Yahya Saree ने इन हमलों को अपनी बड़ी सैन्य कार्रवाई करार दिया है।

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सरकार की कड़ी प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय चिंता

यमन की सरकारी सेना ने इन हमलों के जवाब में जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। शबवा डिफेंस फोर्सेज ने Marib में हूती ठिकानों को निशाना बनाया है और सरकारी एयर डिफेंस सिस्टम ने हूती ड्रोन्स को हवा में ही मार गिराने में सफलता हासिल की है। यमन के रक्षा मंत्रालय ने हूती मिलीशिया के इन हमलों को एक धोखापूर्ण कदम बताया है और कहा है कि उनके जवान अपनी राष्ट्रीय ड्यूटी निभा रहे थे।

यमन के सूचना मंत्री Moammar Al-Eryani ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि हूती विद्रोही लगातार हिंसा फैला रहे हैं और ईरान के एजेंडे पर काम कर रहे हैं। यमन के राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के प्रमुख Rashad Al-Alimi ने प्रभावित क्षेत्रों के गवर्नरों और सैन्य नेतृत्व से सीधे संपर्क साधकर स्थिति की समीक्षा की है। आम लोगों के लिए यह स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है क्योंकि इन हमलों के चलते आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है और विस्थापितों के लिए खतरा और बढ़ गया है।

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