यमन में हूती का बड़ा हमला, सैन्य शिविरों पर दागी गई मिसाइलें और ड्रोन, 45 से ज़्यादा सैनिकों की मौत

यमन में हूती विद्रोहियों ने सरकारी सैन्य शिविरों को निशाना बनाते हुए एक भीषण और अचानक हमला किया है। इस खतरनाक हमले में 30 से 45 सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि हुई है और 50 से ज्यादा सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। अप्रैल 2022 के बाद से यमन में यह सबसे बड़ा और घातक सैन्य तनाव माना जा रहा है जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
मारिब और हद्रमौत प्रांतों में हुआ हमला
यमन के मारिब और हद्रमौत प्रांतों में स्थित सरकारी सैन्य ठिकानों पर हूती विद्रोहियों ने ताबड़तोड़ मिसाइलें और ड्रोन दागे। शुरुआती रिपोर्ट्स में मरने वालों की संख्या 30 बताई गई थी जो बाद में बढ़कर 38 और फिर आधिकारिक तौर पर 45 से ज्यादा हो गई है। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया है कि इस हमले में सैकड़ों सरकारी सैनिक मारे गए हैं और सेना के कई हथियार डिपो तथा वाहन पूरी तरह तबाह हो गए हैं। सरकारी सैन्य सूत्रों के मुताबिक, हूती विद्रोहियों ने अल-जौफ प्रांत से कुल आठ बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे थे।
प्रशिक्षण अभ्यास के दौरान हुआ नुकसान
फर्स्ट इमरजेंसी डिवीजन कमांड ने जानकारी दी है कि हताहतों की संख्या और भी बढ़ सकती है क्योंकि हमले के वक्त सैनिक एक ट्रेनिंग एक्सरसाइज यानी प्रशिक्षण अभ्यास के लिए मैदान में इकट्ठा हुए थे। जिन प्रमुख सैन्य बलों को निशाना बनाया गया उनमें होमलैंड शील्ड फोर्सेज, इमरजेंसी फोर्सेज और फर्स्ट मिलिट्री रीजन के शिविर शामिल हैं। आपको बता दें कि होमलैंड शील्ड फोर्सेज का गठन साल 2022 में सऊदी अरब के सहयोग से किया गया था, जो मारिब-हद्रमौत सीमा और सऊदी सीमा की सुरक्षा करती है। वहीं, इमरजेंसी फोर्सेज का गठन साल 2025 के आखिर में राष्ट्रपति के आदेश और सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन की देखरेख में हुआ था।
सरकार और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
यमन में राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के अध्यक्ष और सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर डॉ. रशाद मोहम्मद अल-अलीमी के कार्यालय ने इन हमलों की पुष्टि करते हुए कहा है कि वे स्थिति पर चौबीस घंटे कड़ी नजर रख रहे हैं। गठबंधन सेना के आधिकारिक प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शहीद सैनिकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। इसके अलावा, यमन में अमेरिकी दूतावास ने भी इन हमलों को कायरतापूर्ण करार दिया है और यमनी सैनिकों के परिवारों के प्रति दुख जताया है। यमन की न्यूज एजेंसी 'सबा' और अल जजीरा की रिपोर्ट्स के अनुसार घायलों को तुरंत पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई सैनिकों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है।