यमन में हूती का बड़ा हमला, सैन्य शिविरों पर दागी गई मिसाइलें, दर्जनों जवानों की मौत से मचा हाहाकार.

Nura Basta13 August 20262 min read76 viewsYemen
यमन में हूती का बड़ा हमला, सैन्य शिविरों पर दागी गई मिसाइलें, दर्जनों जवानों की मौत से मचा हाहाकार.

यमन में हूती विद्रोहियों ने सरकारी सैन्य ठिकानों पर बड़ा और घातक हमला किया है, जिससे देश में हड़कंप मच गया है। इस भीषण हमले में कम से कम 30 से 45 सैनिक मारे गए हैं और 50 से ज्यादा घायल बताए जा रहे हैं। सरकारी अधिकारियों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अप्रैल 2022 के युद्धविराम के बाद यमन में यह सबसे बड़ा सैन्य तनाव माना जा रहा है, जिससे आम जनजीवन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

हूती विद्रोहियों का सुनियोजित और ताबड़तोड़ हमला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, हूती विद्रोहियों ने मारिब और हद्रमौत प्रांतों में सरकारी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। विद्रोहियों ने एक साथ कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ आठ बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे। शुरुआती रिपोर्ट्स में 30 सैनिकों के मारे जाने की बात सामने आई थी, जो बाद में बढ़कर 38 से 45 तक पहुंच गई। हूती संगठन का दावा है कि इस हमले में सैकड़ों सरकारी सैनिक हताहत हुए हैं और सैन्य शिविरों के साथ हथियार डिपो और वाहनों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है।

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किन-किन सैन्य बलों को बनाया गया निशाना

हूती विद्रोहियों ने यमन की प्रमुख सरकारी सुरक्षा इकाइयों को इस हमले में चपेट में लिया। इनमें मुख्य रूप से होमलैंड शील्ड फोर्सेज, इमरजेंसी फोर्सेज और हद्रमौत में फर्स्ट मिलिट्री रीजन के शिविर शामिल हैं। आपको बता दें कि होमलैंड शील्ड फोर्सेज का गठन साल 2022 में सऊदी अरब के सहयोग से किया गया था, जो मारिब-हद्रमौत सीमा और सऊदी सीमा की सुरक्षा संभालती है। वहीं, इमरजेंसी फोर्सेज का गठन साल 2025 के आखिर में राष्ट्रपति के आदेश और सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन की देखरेख में हुआ था, जो अल-जौफ और हद्रमौत में जमीनी सीमा की रक्षा करती है। फर्स्ट इमरजेंसी डिवीजन कमांड ने बताया कि नुकसान इसलिए भी ज्यादा हुआ क्योंकि सैनिक ट्रेनिंग एक्सरसाइज के लिए एक जगह इकट्ठा हुए थे।

प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

इस बड़े हमले के बाद यमन में प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के अध्यक्ष और सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर डॉ. रशाद मोहम्मद अल-अलीमी के कार्यालय ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा है कि वे स्थिति पर चौबीस घंटे कड़ी नजर रख रहे हैं। गठबंधन सेना के आधिकारिक प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शहीद सैनिकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। इसके अलावा, यमन में अमेरिकी दूतावास ने भी इन हमलों को कायरतापूर्ण करार देते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की है। इस पूरी घटना की विस्तृत जानकारी आप सबा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट में भी देख सकते हैं।

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