यमन में हुती विद्रोहियों का आतंक, 31,421 आपराधिक मामलों को लेकर रिपोर्ट जारी

यमन में मानवाधिकारों के लिए काम करने वाले नेटवर्क ने एक बड़ी जानकारी साझा की है। रिपोर्ट के मुताबिक, हुती मिलिशिया ने अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में कुल 31,421 आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया है। यह आंकड़े 31 जुलाई 2026 तक की स्थिति को दर्शाते हैं, जिसमें मानवाधिकार हनन के गंभीर मामले शामिल हैं।
हुती मिलिशिया द्वारा मानवाधिकारों का उल्लंघन
इस नेटवर्क और अन्य मानवाधिकार समूहों ने हुती मिलिशिया पर लोगों को जबरन गिरफ्तार करने, गायब करने और हिरासत में प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि ये विद्रोही न्यायपालिका का उपयोग अपने विरोधियों को कुचलने के लिए कर रहे हैं, जिसके तहत कई लोगों को फर्जी मुकदमों में मौत की सजा सुनाई गई है।
आदिवासी नेताओं और बच्चों पर असर
हुती मिलिशिया ने आदिवासी नेताओं को निशाना बनाया है, जिसमें उनकी हत्या करना, संपत्ति जब्त करना और उन्हें जबरन विस्थापित करना शामिल है। इसके अलावा, हुती गुट पर बच्चों को युद्ध के मैदान में जबरन भेजने और मानवीय सहायता पहुंचाने में बाधा डालने के आरोप भी लगे हैं। साथ ही, इन इलाकों में बड़ी संख्या में लैंडमाइन बिछाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के विशेषज्ञों की पैनल ने भी इस स्थिति के लिए हुती मिलिशिया को जिम्मेदार माना है, जिससे यमन की आर्थिक और मानवीय स्थिति और खराब हुई है।