Yemen: हूती विद्रोहियों का सऊदी अरब पर ड्रोन हमला, ईरान के इशारे पर हो रही साजिश का हुआ खुलासा

Aanya4 August 20262 min read77 viewsYemen
Yemen: हूती विद्रोहियों का सऊदी अरब पर ड्रोन हमला, ईरान के इशारे पर हो रही साजिश का हुआ खुलासा

यमन के सूचना मंत्री Muammar Al-Eryani ने 4 अगस्त 2026 को एक गंभीर बयान जारी करते हुए ईरान पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि हूती विद्रोही लगातार जो हमले कर रहे हैं, वे असल में ईरान की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हैं ताकि क्षेत्र में अपना दबाव बनाया जा सके। यमन सरकार का मानना है कि हूतियों का इस्तेमाल करके ईरान दुनिया भर में समुद्री व्यापार और तेल आपूर्ति के लिए खतरा पैदा कर रहा है।

हूती विद्रोहियों की नई साजिश

हाल ही में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के Najran Airport को निशाना बनाकर एक ड्रोन हमला किया। हूती सैन्य प्रवक्ता Yahya Saree'a ने खुले तौर पर धमकी दी कि वे सऊदी अरब के खिलाफ अपनी गतिविधियां जारी रखेंगे और Bab al-Mandab जलडमरूमध्य को सऊदी जहाजों के लिए बंद करने की कोशिश करेंगे। यह इलाका अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और अगर यहां कोई रुकावट आती है, तो पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर इसका बुरा असर पड़ सकता है।

सऊदी अरब की तैयारी और गठबंधन

इस तरह के खतरों को देखते हुए, सऊदी अरब ने कड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने 14 देशों के साथ मिलकर एक समुद्री रक्षा गठबंधन बनाया है, जिसमें यमन, पाकिस्तान और मिस्र भी शामिल हैं। इसका मुख्य मकसद लाल सागर, Bab al-Mandab और गल्फ ऑफ अदन में जहाजों की सुरक्षा करना है। यमनी अधिकारियों का कहना है कि युद्धविराम के दौरान मिली शांति का फायदा उठाकर हूती विद्रोही फिर से हथियारों को जुटा रहे हैं और अपनी ताकत बढ़ा रहे हैं।

ईरान की भूमिका पर सवाल

यमन के अधिकारियों का आरोप है कि ईरान का रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) लगातार हूतियों को मिसाइलें, ड्रोन और ट्रेनिंग दे रहा है। ईरान का लक्ष्य हूतियों को अपनी क्षेत्रीय 'प्रतिरोध धुरी' का मुख्य हिस्सा बनाकर रखना है। हालांकि, ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने यह कहा है कि वे अपनी सीमाओं की रक्षा करेंगे और संघर्ष को फैलाने का उनका कोई इरादा नहीं है। बावजूद इसके, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताएं कम नहीं हो रही हैं क्योंकि हूतियों के ये हमले सीधे तौर पर वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित कर रहे हैं। यमन सरकार ने अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मांग की है कि उन्हें अपने क्षेत्रों और महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों पर अपना नियंत्रण वापस पाने के लिए पूरी मदद दी जाए।

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