Yemen Drone Attack: यमन के पश्चिमी इलाकों में हौथी विद्रोहियों ने दागे ड्रोन और मिसाइल, बंदरगाह को भारी नुकसान.

पश्चिमी यमन में अल-खवाखह और अल-मोखा जिलों के बीच के इलाकों में हौथी विद्रोहियों ने ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से बड़ा हमला बोल दिया है। इस ताज़ा हमले के बाद से इलाके में सैन्य तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है, जिसकी शुरुआत 9 अगस्त 2026 को हुई थी। इस पूरे सैन्य अभियान की जिम्मेदारी हौथी सैन्य प्रवक्ता याहया सरेआ ने ली है, और उनका कहना है कि यह हमला तटीय क्षेत्रों में सऊदी समर्थित बलों की तरफ से बढ़ाई गई सैन्य ताकत के जवाब में किया गया है।
मोखा बंदरगाह को पहुंचा गंभीर नुकसान
हौथी विद्रोहियों के इस खतरनाक अभियान की वजह से यमन के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। यमन के परिवहन मंत्रालय ने जानकारी दी है कि रणनीतिक रूप से अहम मोखा बंदरगाह इस हमले की चपेट में आकर बुरी तरह प्रभावित हुआ है। 9 अगस्त से 12 अगस्त के बीच अल-खवाखह और मोखा में हुई इन हिंसक झड़पों में कम से कम सात से आठ लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों लोग घायल हुए हैं। यमन की सरकारी सेना और नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेस ने मिलकर कई विस्फोटक से भरे ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर दिया, जिसमें एक ही रक्षात्मक कार्रवाई में 11 ड्रोन गिराए जाने की बात सामने आई है। इसके बावजूद हौथी विद्रोहियों का दावा है कि उनके द्वारा दागे गए मिसाइलों और ड्रोनों ने तयशुदा सैन्य ठिकानों और हथियारों के गोदामों को ही अपना निशाना बनाया है।
सरकार ने की कड़ी निंदा और अंतरराष्ट्रीय मदद की मांग
यमन के राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के अध्यक्ष रशाद अल-अलिमी समेत कई बड़े सरकारी अधिकारियों ने इन हमलों को देश के संसाधनों पर एक व्यवस्थित युद्ध करार दिया है। यमन की कैबिनेट ने इस लगातार बढ़ते तनाव को रोकने और हौथी बलों को मिल रही बाहरी मदद पर रोक लगाने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत दखल देने की अपील की है। इस क्षेत्र में हालात पहले से ही काफी तनावपूर्ण थे, और स्थिति तब और बिगड़ गई जब 11 अगस्त को 'तिहामा' नामक पोत पर हौथी हमला हुआ, जिसमें चार क्रू मेंबर मारे गए थे।