Yemen में बड़ा हमला, अल धले में यमनी सेना की कार्रवाई में 20 से ज्यादा हूती मिलिशिया ढेर.

Aanya12 August 20262 min read55 viewsYemen
Yemen में बड़ा हमला, अल धले में यमनी सेना की कार्रवाई में 20 से ज्यादा हूती मिलिशिया ढेर.

दक्षिण यमन के अल धले प्रांत में यमनी सशस्त्र बलों ने हूती मिलिशिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस सैन्य कार्रवाई के दौरान यमनी सेना ने गोलाबारी और ड्रोन हमलों का इस्तेमाल किया, जिससे हूती विद्रोहियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। सैन्य सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई 11-12 अगस्त 2026 को की गई थी, जब हूती लड़ाके यमन के सैन्य ठिकानों पर हमले की योजना बना रहे थे।

अल-फाखिर और आसपास के इलाकों में भीषण झड़प

यूनिट्स ने अल-फाखिर बाजार के पास हूती मिलिशिया की गतिविधियों और reinforcements को निशाना बनाया। यह पूरा इलाका क्वाताबाह के पश्चिम में स्थित है। सैन्य सूत्रों ने बताया कि इन हमलों में 20 से ज्यादा हूती आतंकवादी मारे गए। मरने वालों में दो फील्ड कमांडर भी शामिल हैं। इसके अलावा कई विद्रोही घायल हुए और 7 हूती लड़ाकों को सेना ने अपनी हिरासत में ले लिया। यह भीषण संघर्ष अल-फाखिर, अल-जुब, हजर और अल-थौकाब के मोर्चों पर हुआ।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

हूती विद्रोहियों को शव उठाने में आई परेशानी

झड़पों के बाद हूती मिलिशिया अपने हताहत हुए लड़ाकों को इब्न प्रांत की तरफ ले जाने में लगी रही। हालांकि, अल-थौकाब इलाके से शवों को बाहर निकालना उनके लिए बहुत मुश्किल साबित हुआ। अपने साथियों के शव बरामद करने के लिए हूती विद्रोहियों ने उस क्षेत्र में लगातार गोलाबारी जारी रखी। इस बीच, यमनी संयुक्त बलों को भी नुकसान उठाना पड़ा, जिसमें 4 जवान शहीद हो गए और कुछ अन्य घायल हो गए। इस स्थिति को देखते हुए सेना ने धले के फ्रंटलाइन पर अतिरिक्त सैन्य बल तैनात कर दिया है।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रही है चिंता

यमन में चल रहे इन संघर्षों के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने 12 अगस्त को एक अलग घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में एक जहाज पर हुए हूती हमले का जिक्र किया, जो 11 अगस्त को हुआ था। इस हमले में 6 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 3 पाकिस्तानी नागरिक भी शामिल थे। पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस तरह के हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करते हैं और समुद्री सुरक्षा तथा नेविगेशन की स्वतंत्रता के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।

Share:

Comments

Leave a comment