Yemen में फिर हुआ बड़ा हमला, मोखा पोर्ट पर हूती विद्रोहियों ने दागी बैलिस्टिक मिसाइलें.

यमन के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में स्थित रणनीतिक रूप से बेहद अहम Port of Mokha पर हूती समूह ने एक बार फिर से बड़ा हमला किया है। 12 अगस्त 2026 को हुए इस ताजा बैलिस्टिक मिसाइल हमले ने बंदरगाह के बुनियादी ढांचे को सीधे तौर पर निशाना बनाया है। इस हमले की पुष्टि मोखा पोर्ट के डायरेक्टर Abdulmalik al-Sharabi ने की है, जिससे इलाके में एक बार फिर से तनाव और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। आम जनता और वहां काम करने वाले लोगों के बीच इस हमले के बाद से काफी दहशत का माहौल देखा जा रहा है।
मिसाइल हमले की पूरी जानकारी और समय
वेस्ट कोस्ट पर सरकार समर्थित ज्वाइंट फोर्सेस के प्रवक्ता Waddah al-Dubaish ने जानकारी दी कि स्थानीय समयानुसार दिन के 11:35 AM यानी 0835 GMT पर दो खतरनाक बैलिस्टिक मिसाइलों ने बंदरगाह के मरीन बर्थ पर सीधा प्रहार किया। इन हमलों के बाद से ही शहर में हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं और मोखा शहर के ऊपर लगातार लड़ाकू विमानों की आवाजाही और हलचल देखी जा रही है। स्थानीय प्रशासन और राहत टीमें फिलहाल नुकसान का आकलन करने में जुटी हुई हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस घटना में कितने लोग हताहत हुए हैं।
लगातार हो रहे हमलों से बिगड़े हालात
हूती विद्रोहियों की तरफ से यह हमला कोई पहला नहीं है, बल्कि पिछले कुछ दिनों से लगातार मोखा शहर को निशाना बनाया जा रहा है। इससे ठीक एक दिन पहले यानी 11 अगस्त को सरकारी बलों ने बताया था कि हूतियों ने मोखा पर 10 बैलिस्टिक मिसाइलें और 4 ड्रोन दागे थे। हूती सेना के प्रवक्ता Yahya Saree ने खुद इन हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए कहा था कि उन्होंने मोखा में सैन्य जमावड़े, हथियारों के गोदामों और कमांड हेडक्वार्टर को निशाना बनाया है। इसके अलावा 9 अगस्त को भी पोर्ट डायरेक्टर अल-शराबी ने पुष्टि की थी कि लगभग 25 ड्रोनों का इस्तेमाल करके एक बड़ा हमला किया गया था, जिसमें आर्थिक सुविधाओं, कर्मचारियों के आवास और कस्टम के एक हैंगर को निशाना बनाया गया था और इस दौरान कई पोर्ट वर्कर घायल भी हो गए थे.
रणनीतिक महत्व और सरकार की प्रतिक्रिया
आपको बता दें कि Bab al-Mandab Strait के बेहद करीब होने की वजह से Port of Mokha का सामरिक महत्व बहुत ज्यादा है और इसीलिए यह चल रहे संघर्ष में बार-बार हमलों का शिकार बनता रहा है। इस लगातार बढ़ते तनाव और सुरक्षा संकट से निपटने के लिए यमन की कैबिनेट ने 11 अगस्त को अदन में एक अहम बैठक की थी। इस बैठक में हूती विद्रोहियों की आक्रामकता के परिणामों पर चर्चा की गई और सरकार ने साफ शब्दों में कहा कि वह ताकत के बल पर नई वास्तविकताओं को थोपने के किसी भी प्रयास को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। ईरान समर्थित इस समूह के लगातार हमलों ने यमन के सुरक्षा हालात को बेहद गंभीर बना दिया है।