Yemen में बड़ा हमला: हूती विद्रोहियों ने बरसाए मिसाइल और ड्रोन, दर्जनों सैनिकों की मौत से मची तबाही

यमन में सुरक्षा हालात एक बार फिर बिगड़ गए हैं। गुरुवार, 6 अगस्त 2026 को हूती विद्रोहियों ने यमन के मारिब और हद्रमूत प्रांतों में सरकारी सैन्य ठिकानों पर अचानक घातक हमला कर दिया। इस हमले में बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया, जिसने वहां मौजूद सऊदी समर्थित सैनिकों और यमन की इमरजेंसी फोर्सेस को निशाना बनाया। यमन के रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने इन हमलों को 'धोखाधड़ी' करार दिया है।
हमले में भारी जनहानि और सरकारी प्रतिक्रिया
शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, इन भीषण हमलों में कम से कम 30 से 35 सरकारी सैनिकों की जान चली गई है, जबकि बड़ी संख्या में अन्य जवान घायल हुए हैं। अप्रैल 2022 में हुए समझौते के बाद से यह क्षेत्र में हिंसा का सबसे बड़ा और खतरनाक दौर माना जा रहा है। अमेरिकी मिशन टू यमन ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे 'यमन के लोगों के खिलाफ आतंकवाद' बताया और जान गंवाने वाले सैनिकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।
हूतियों का दावा और तनाव का कारण
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरे ने अपने बयान में कहा कि यह कार्रवाई पूर्वी यमन में सऊदी अरब द्वारा की जा रही कथित सैन्य तैयारियों का जवाब थी। सरे ने आगे और अधिक आक्रामक कदम उठाने की चेतावनी दी है। हूतियों की ओर से यह भी दावा किया गया है कि इस हमले में सैकड़ों लोगों को नुकसान पहुंचा है और कई सैन्य संपत्तियों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है।
समुद्री जहाजों पर भी बढ़ रहा है खतरा
जमीनी हमलों के अलावा, हूती विद्रोहियों ने समुद्री व्यापार मार्गों को भी अपना निशाना बनाया है। हूती प्रवक्ता ने जानकारी दी कि 5 और 6 अगस्त को उन्होंने दो सऊदी तेल टैंकरों पर भी हमला किया। इनमें लाल सागर में 'वफा' (NCC WAFA) और अदन की खाड़ी में 'डेजी' नामक टैंकर शामिल हैं। हूतियों ने इसे अपनी 'ब्लॉक-फॉर-ब्लॉक' नीति का हिस्सा बताया है और दावा किया है कि पिछले एक महीने में वे कुल नौ टैंकरों को निशाना बना चुके हैं। हालांकि, सऊदी अधिकारियों की तरफ से अभी तक इन समुद्री हमलों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है, लेकिन इस स्थिति ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव को काफी बढ़ा दिया है।