Yemen में बड़ा हमला: हूती विद्रोहियों ने मिसाइल और ड्रोन से किया सैन्य कैंपों पर प्रहार, दर्जनों सैनिकों की मौत.

Yemen में संघर्ष एक बार फिर से बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। 6 अगस्त 2026 को हूती विद्रोहियों ने देश के विभिन्न सैन्य ठिकानों को अपना निशाना बनाया। इस हमले में सरकारी सेना के कई सैनिकों ने अपनी जान गंवाई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस हमले में कम से कम 38 सैनिकों की मौत हुई है और 29 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। कुछ अन्य रिपोर्टों में मरने वालों की संख्या 58 तक होने का दावा किया गया है।
हमले की जगह और नुकसान
हूती विद्रोहियों ने Marib प्रांत के Al-Ruwaik सैन्य शिविर और Hadramawt प्रांत के Al-Abr और Al-Wadiah क्षेत्रों को निशाना बनाया। जानकारों के अनुसार, Marib में एक मिसाइल सीधे उस जगह गिरी जहां सुबह के समय सैनिक अपनी नियमित परेड या फॉर्मेशन के लिए जमा हुए थे। यह हमला 2022 के बाद से अब तक का सबसे घातक हमला माना जा रहा है, जिसने उस शांति समझौते को तोड़ दिया है जो अप्रैल 2022 से काफी हद तक लागू था।
हूती और सरकार का पक्ष
हूती सैन्य प्रवक्ता Yahya Saree ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने दावा किया कि यह हमला सऊदी अरब समर्थित बलों द्वारा किए जा रहे सैन्य जमावड़े के जवाब में किया गया है। दूसरी ओर, यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के रक्षा मंत्रालय ने इस घटना की पुष्टि की है और शहीदों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि वे इसका जवाब सही समय और सही जगह पर देंगे। स्वास्थ्य मंत्री ने Marib और Hadramout के सभी मेडिकल केंद्रों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है।
सऊदी अरब और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। गठबंधन के प्रवक्ता Major General Turki al-Malki ने बताया कि उसी दिन हूती हमलों के कारण सऊदी अरब के Najran क्षेत्र में 11 नागरिक घायल हुए हैं। इनमें 7 सऊदी नागरिक, 1 यमनी, 2 मिस्र के नागरिक और 1 पाकिस्तानी नागरिक शामिल हैं। घायल होने वालों में एक 4 साल का बच्चा भी है जिसे जलने के कारण चोटें आई हैं। UN के उप प्रवक्ता Farhan Haq ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और बातचीत को प्राथमिकता देने की अपील की है। अमेरिकी दूतावास ने भी इस हमले को आतंकवाद का एक और उदाहरण बताया है। रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि हूती विद्रोही लगातार संघर्ष को बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे क्षेत्र की स्थिति और अधिक नाजुक हो गई है।