Yemen Attack: हूती विद्रोही का यमन के सैन्य कैंप पर बड़ा हमला, 58 सैनिकों की मौत से मचा हड़कंप

Aanya7 August 20262 min read86 viewsYemen
Yemen Attack: हूती विद्रोही का यमन के सैन्य कैंप पर बड़ा हमला, 58 सैनिकों की मौत से मचा हड़कंप

यमन के मारिब और हद्रमूत प्रांतों में हूती विद्रोहियों ने एक साथ कई सैन्य ठिकानों को अपना निशाना बनाया है। यह खौफनाक घटना 6 अगस्त 2026 की शाम शुरू हुई और 7 अगस्त 2026 तक जारी रही। हूती लड़ाकों ने मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल करके यमन की सरकारी सेना के कैंपों पर हमला कर दिया, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस हमले ने पिछले चार सालों में यमन के गृह युद्ध के दौरान सबसे ज्यादा तबाही मचाई है, जिससे पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ गई है।

हमले की पूरी जानकारी और हताहतों की संख्या

शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, हमले की जद में मुख्य रूप से मारिब के अल-रवायक इलाके में स्थित फर्स्ट और थर्ड ब्रिगेड के कैंप आए। इसके अलावा, अल-थानियाह कैंप को भी निशाना बनाया गया। शुरुआती आंकड़ों में करीब 30 सैनिकों के मारे जाने की खबर थी, लेकिन 7 अगस्त तक यह संख्या बढ़कर कम से कम 58 सैनिक हो गई। हमले में दर्जनों अन्य जवान घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। यमन के पब्लिक हेल्थ मिनिस्टर कासिम भुइबेह ने तुरंत प्रभाव से मारिब और हद्रमूत के सभी अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रहने और घायल सैनिकों का बेहतर इलाज करने का निर्देश दिया है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

हूती विद्रोहियों का दावा और सरकारी प्रतिक्रिया

हूती प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि उन्होंने सऊदी सैन्य तैनाती और सरकारी ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन से ध्वस्त कर दिया। उन्होंने कहा कि उनके निशाने पर सऊदी समर्थित सेना के हथियार डिपो और वाहन थे। दूसरी ओर, यमन के रक्षा मंत्रालय ने इस हमले को एक कायराना और विश्वासघाती हरकत बताया है और इसका कड़ा जवाब देने की बात कही है।

सऊदी अरब में भी हुआ हमला

यमन में जारी हिंसा के साथ-साथ हूती विद्रोहियों ने पड़ोसी देश सऊदी अरब को भी निशाना बनाया। सऊदी अधिकारियों ने जानकारी दी कि 7 अगस्त को हूतियों ने दक्षिणी नज्रान प्रांत में आम लोगों के रिहायशी इलाकों पर बिना सोचे-समझे गोलाबारी की। इस हमले में 11 आम नागरिक घायल हुए, जिनमें से एक चार साल का बच्चा भी शामिल है। सऊदी अरब के नेतृत्व वाली सैन्य गठबंधन ने यह स्पष्ट किया है कि वे अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाना जारी रखेंगे।

अमेरिका के यमन मिशन ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया है और हूतियों के इस हमले को आतंकवाद का एक और उदाहरण बताया है। लगातार बढ़ रहे इन हमलों से उन प्रवासियों की सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं जो इन युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में काम करते हैं या वहां के हालात से जुड़े हुए हैं। स्थानीय प्रशासन अब स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास में लगा हुआ है।

Share:

Comments

Leave a comment