Yemen पर मंडराया बड़ा खतरा, मोखा शहर पर हूती विद्रोहियों के हमले से फिर भड़क सकता है पूर्ण युद्ध.

यमन में शांति की उम्मीदों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है और वहां के हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। संयुक्त राष्ट्र यानी UN के यमन मामलों के विशेष दूत Hans Grundberg ने सोमवार, 10 अगस्त 2026 को एक गंभीर चेतावनी जारी की है। उन्होंने बताया कि हूती समूह यानी Ansar Allah द्वारा मोखा बंदरगाह शहर पर किए गए हालिया हमलों से यमन में एक बार फिर से पूर्ण पैमाने पर संघर्ष शुरू होने का बड़ा खतरा पैदा हो गया है। इस ताजा सैन्य गतिविधि ने साल 2022 में हुए संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता वाले संघर्षविराम के बाद से सबसे बड़ी हिंसा को जन्म दिया है, जिससे आम जनता की मुश्किलें फिर से बढ़ गई हैं।
हमले में हुआ भारी नुकसान और सात लोगों की मौत
यह हमला रविवार, 9 अगस्त 2026 को हुआ था, जिसमें भारी गोलाबारी और मिसाइलें दागी गईं। इस भीषण हमले में कुल 7 लोगों की जान चली गई, जिनमें 4 सैन्यकर्मी और 3 आम नागरिक शामिल थे। इसके अलावा इस हिंसा में करीब 30 लोग बुरी तरह घायल हुए हैं, जिनमें से ज्यादातर आम नागरिक ही हैं। हूती समूह के हमलों की वजह से मोखा का बंदरगाह, रिहायशी इलाके और बिजली घर जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है। हूती समूह ने खुद यह दावा किया था कि उन्होंने सऊदी सेना और हथियारों के गोदामों को निशाना बनाते हुए मोखा शहर में बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों से बड़ा और सटीक हमला किया है। हालांकि, यमन की वायु रक्षा प्रणाली ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस हमले के दौरान हूती गुट के 11 ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर दिया था।
UN दूत ने की संयम बरतने की अपील
इस खतरनाक स्थिति को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र के दूत Hans Grundberg ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि हिंसा का यह दौर अब तुरंत रुकना चाहिए। उन्होंने सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने, आम नागरिकों की रक्षा करने और नागरिक बुनियादी ढांचे को सुरक्षित रखने की अपील की है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि इस तरह के हमलों से न केवल मोखा बल्कि मारिब और उसके आसपास के इलाकों में भी आम लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ गई है। इस बीच, यमन की सेना ने भी इस हूती हमले का करारा जवाब देने का अपना इरादा साफ कर दिया है। Hans Grundberg ने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि इस संघर्ष का स्थायी और शांतिपूर्ण समाधान केवल एक समावेशी राजनीतिक प्रक्रिया के जरिए ही निकाला जा सकता है, जिसके बारे में अधिक जानकारी ANI News की रिपोर्ट में दी गई है।