Saudi Arabia पर बड़ा हमला, लाल सागर में अमज़न ऑयल टैंकर को हूती विद्रोहियों ने बनाया निशाना.

Praggya Singh sabal24 August 20263 min read61 viewsSaudi
Saudi Arabia पर बड़ा हमला, लाल सागर में अमज़न ऑयल टैंकर को हूती विद्रोहियों ने बनाया निशाना.

लाल सागर में समुद्री सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ा खतरा सामने आया है, जहाँ यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के एक बड़े तेल टैंकर को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया है। यह पूरी घटना सोमवार, 24 अगस्त 2026 को हुई, जब सऊदी झंडे वाले तेल टैंकर 'अमज़न' पर यह हमला किया गया। इस हमले के बाद से समुद्री यातायात और वहां काम करने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं, खासकर उन प्रवासी भारतीयों के लिए जो गल्फ देशों में समंदर के रास्ते से जुड़े कामों या शिपिंग सेक्टर में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

यान्बु बंदरगाह के पास हुआ हमला

मिली जानकारी के अनुसार, यह हमला सऊदी अरब के बेहद अहम तेल बंदरगाह यान्बु से लगभग 63 से 100 नॉटिकल मील पश्चिम में हुआ। आपको बता दें कि यान्बु वह रणनीतिक बंदरगाह है जिसका इस्तेमाल अक्सर तेल के निर्यात को दूसरे रास्तों से भेजने के लिए किया जाता है ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य से बचा जा सके। हूती विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने एक टीवी पर दिए गए संबोधन में इस हमले की जिम्मेदारी पूरी तरह से ली है। सऊदी अरब की राष्ट्रीय शिपिंग कंपनी बाहरी (Bahri) ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि उनका जहाज इस हमले की चपेट में आया था।

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यूकेएमटीओ और सुरक्षा कंपनियों की चेतावनी

इस घटना के तुरंत बाद यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने एक औपचारिक चेतावनी जारी की। रिपोर्ट के मुताबिक, किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल के लगने से जहाज के मुख्य डेक पर आग लग गई थी। गनीमत यह रही कि कंपनी और यूकेएमटीओ दोनों ने यह साफ कर दिया कि जहाज पर मौजूद सभी क्रू मेंबर पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी के भी हताहत होने की खबर नहीं है। साथ ही किसी भी तरह के पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की बात सामने नहीं आई है। वैंगार्ड टेक और एम्ब्रे जैसी बड़ी सुरक्षा कंपनियों ने भी इस मिसाइल हमले की पुष्टि की है। हमले के बाद टैंकर 'अमज़न' ने मदद के लिए डिस्ट्रेस अलर्ट जारी किया था, जिसके जवाब में मिस्र की नौसेना (Egyptian Navy) ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और बचाव अभियान के लिए मौके की तरफ बढ़ रही है।

क्षेत्र में लगातार बढ़ रहा तनाव

यह अकेली ऐसी घटना नहीं है, बल्कि इस इलाके में पिछले कुछ समय से हमलों का एक दौर चल रहा है। इससे पहले 20 जुलाई 2026 को हूती समूह ने आधिकारिक तौर पर सऊदी अरब की शिपिंग पर नाकाबंदी की घोषणा कर दी थी। इसके बाद से समूह ने कई समुद्री हमलों की जिम्मेदारी ली है, जिसमें 5 और 6 अगस्त 2026 को दो ऐसे टैंकरों पर हमले शामिल हैं जो पहले सऊदी बंदरगाहों पर रुके थे। इसके अलावा, 17 अगस्त 2026 को भी हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में एक सऊदी सैन्य लैंडिंग जहाज और उसके चार सुरक्षा जहाजों पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला करने का दावा किया था। इस लगातार बढ़ते तनाव के कारण गल्फ क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों और कामगारों के मन में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।

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