Yemen Crisis: हूती विद्रोहियों के बढ़ते हमलों के बाद यमनी लीडरशिप काउंसिल का बड़ा फैसला, सेना को किया हाई अलर्ट पर

Sushma Kumari7 August 20262 min read52 viewsYemen
Yemen Crisis: हूती विद्रोहियों के बढ़ते हमलों के बाद यमनी लीडरशिप काउंसिल का बड़ा फैसला, सेना को किया हाई अलर्ट पर

यमन की स्थिति एक बार फिर तनावपूर्ण हो गई है। Yemeni Leadership Council ने हूती विद्रोहियों द्वारा किए जा रहे लगातार हमलों का करारा जवाब देने के लिए अपनी सैन्य और सुरक्षा तैयारी को बढ़ा दिया है। 7 अगस्त 2026 को दी गई जानकारी के अनुसार, काउंसिल ने देश में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए हैं ताकि स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सके।

मरीब और हद्रमूत में बिगड़े हालात

हूती आतंकवादियों ने पिछले कुछ दिनों में Marib और Hadramout प्रांतों में सेना की कई चौकियों को निशाना बनाया है। यमनी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन हमलों में काफी नुकसान हुआ है। स्वास्थ्य मंत्री Qasim Buhaibeh ने दुखद जानकारी देते हुए बताया कि हूती गोलाबारी के कारण Marib शहर में कम से कम 2 आम नागरिकों और 8 सरकारी सुरक्षा बलों की जान चली गई। इस हमले में कुल 14 नागरिक और 12 सैनिक घायल भी हुए हैं, जिनका इलाज जारी है।

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सऊदी अरब और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हड़कंप

यह खतरा केवल यमन तक सीमित नहीं रहा है। Saudi Arabia ने भी सूचना दी कि उनके दक्षिणी क्षेत्र Najran में हूती हमलों की चपेट में आने से 10 से अधिक नागरिक घायल हुए हैं। हूती प्रवक्ता Yahya Saree ने इन हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि उन्होंने सऊदी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। हालांकि, सऊदी गठबंधन ने साफ कर दिया है कि वे Marib को एक Red Line के रूप में देखते हैं और किसी भी कीमत पर सुरक्षा संतुलन को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा।

समुद्र में भी बढ़ा खतरा

हाल ही में Red Sea में एक भारतीय नागरिक मालवाहक जहाज को डुबोने के बाद से यमनी काउंसिल और भी सख्त हो गई है। काउंसिल ने स्पष्ट रूप से हूती गुट को इस कृत्य के लिए जिम्मेदार ठहराया है। U.S. Mission to Yemen ने भी 6 अगस्त को एक आधिकारिक बयान जारी कर इन हमलों की कड़ी निंदा की और इसे यमनी लोगों के खिलाफ आतंकवाद का एक और उदाहरण बताया।

सुरक्षा का बढ़ता दायरा

काउंसिल के चेयरमैन Rashad Al-Alimi ने पहले ही जुलाई के महीने में सुरक्षा बलों को अधिकतम तैयारी रखने का आदेश दिया था। सरकार का मानना है कि वर्ष 2022 में हुआ संघर्ष विराम अब लगभग खत्म हो चुका है, जिसे देखते हुए सेना को हर मोर्चे पर मुस्तैद रहने को कहा गया है। यमन की जनता और वहां काम करने वाले प्रवासी इस बढ़ते तनाव से काफी चिंतित हैं, क्योंकि सुरक्षा की कमी का सीधा असर मानवीय गतिविधियों पर पड़ता है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि वे नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और हूती हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

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