Yemen में छिड़ा बड़ा सैन्य अभियान, Houthi विद्रोहियों के हमलों के बाद सेना ने लिया बड़ा फैसला.

Yemen के अलग-अलग इलाकों में हालात तेजी से बदल रहे हैं। 8 अगस्त 2026 को यमनी सशस्त्र बलों ने Houthi विद्रोहियों के ठिकानों पर एक बहुत बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया है। यह कार्रवाई तब की गई जब Marib और Hadhramaut जैसे क्षेत्रों में सेना के कैंपों पर लगातार हमले किए गए। यमनी सेना का यह कदम अपने देश की सुरक्षा और बेगुनाह नागरिकों की जान बचाने के लिए एक सख्त जवाब माना जा रहा है।
हमलों के खिलाफ सेना का सख्त रुख
यमनी सशस्त्र बलों के प्रवक्ता Colonel Majid al-Nuzaili ने आधिकारिक तौर पर Yemen TV के जरिए इस ऑपरेशन का ऐलान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेना अब और खामोश नहीं बैठेगी। उन्होंने Houthi विद्रोही गुट पर आरोप लगाया कि वे देश की संपत्ति लूट रहे हैं, लोगों पर गैर-कानूनी कर लगा रहे हैं और विदेशी एजेंडे के लिए पूरे देश की अर्थव्यवस्था को तबाह कर रहे हैं। Colonel al-Nuzaili ने चेतावनी दी कि यदि इन हमलों को नहीं रोका गया, तो सेना की ओर से और भी कड़े कदम उठाए जाएंगे और इसकी पूरी जिम्मेदारी Houthi गुट और उनके समर्थकों की होगी।
हाल ही में हुए बड़े हमले
इस ऑपरेशन से पहले पिछले कुछ दिनों में कई खतरनाक घटनाएं देखने को मिली हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 6 अगस्त 2026 को हुए हमलों में कम से कम 17 से लेकर 58 तक सरकारी सैनिकों और अधिकारियों की जान चली गई, जबकि कई लोग घायल हुए। इसके अगले ही दिन, Marib शहर के रिहायशी इलाकों और विस्थापितों के कैंपों पर गोलाबारी की गई, जिसमें कम से कम 2 नागरिक मारे गए और 14 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके अलावा 8 अगस्त को Taiz प्रांत से लाल सागर की ओर मिसाइलें भी दागी गईं।
अंतरराष्ट्रीय चिंता और स्थिति
इस पूरे मामले पर UN Special Envoy for Yemen, Hans Grundberg ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने 7 अगस्त 2026 को कहा कि Yemen में हालात अप्रैल 2022 में हुए समझौते के बाद से अब सबसे ज्यादा खतरनाक मोड़ पर हैं और युद्ध के और अधिक फैलने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। फिलहाल, यमनी रक्षा मंत्रालय ने इस सैन्य ऑपरेशन को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी बताया है। इस पूरी घटना की अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक ANI न्यूज रिपोर्ट देखी जा सकती है।