Yemen पर बड़ा हमला, मोखा बंदरगाह पर दागी गईं छह बैलिस्टिक मिसाइलें, कई लोगों की मौत और घायल.

यमन के लाल सागर तट पर स्थित रणनीतिक रूप से बेहद अहम Mocha Port पर शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को बड़ा हमला हुआ है। इस खतरनाक हमले में छह बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं, जिसके बाद वहां अफरा-तफरी मच गई और नागरिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। इस दर्दनाक घटना में कई लोगों के मारे जाने और घायल होने की खबर सामने आई है, जिससे पूरे इलाके में तनाव का माहौल काफी ज्यादा बढ़ गया है।
सरकारी और सैन्य सूत्रों की जानकारी
हस्तांतरित रिपोर्टों के अनुसार, मरने वालों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं, लेकिन सरकारी सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि इस हमले में सुरक्षाकर्मियों समेत कई लोगों की जान चली गई है। इसके अलावा, इस भीषण गोलाबारी में कम से कम आठ नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। इस हमले की विभीषणता इतनी ज्यादा थी कि कई मछली पकड़ने वाली नावें आग की चपेट में आकर पूरी तरह जल गईं, जबकि दो नाविक अभी भी लापता बताए जा रहे हैं जिनकी तलाश जारी है।
किसने ली हमले की जिम्मेदारी
यमन के हूती सैन्य प्रवक्ता Yahya Saree ने इस पूरे ऑपरेशन की जिम्मेदारी खुले तौर पर ली है। उनका कहना था कि यह हमला सऊदी समर्थित ताकतों के सैन्य जमावड़े और हथियारों के गोदामों को निशाना बनाने के लिए किया गया था। हालांकि, इसके उलट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार ने इस कायराना हमले की कड़ी निंदा की है और इसे सीधे तौर पर नागरिक संपत्तियों और आम लोगों पर किया गया हमला करार दिया है।
क्षेत्र में बढ़ता तनाव और हवाई सुरक्षा
सैन्य सूत्रों ने इस बात की भी जानकारी दी है कि क्षेत्र में संघर्ष लगातार बहुत ज्यादा बढ़ रहा है। इस मिसाइल हमले के दौरान आसमान में भी भारी गतिविधियां देखने को मिलीं, जहां वायु रक्षा प्रणालियों ने कुल 44 में से 15 ड्रोन को हवा में ही सफलता पूर्वक नष्ट कर दिया, जो इस मिसाइल बैराज के साथ तैनात किए गए थे। इस ताजा घटना ने उस नाजुक और कमजोर संघर्ष विराम को लगभग खत्म कर दिया है जो वहां अब तक किसी तरह टिके रहने की कोशिश कर रहा था।
अंतरराष्ट्रीय चिंता और चेतावनी
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी नौवहन पर पहले ही कई तरह के प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र यानी United Nations के अधिकारियों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर हालात नहीं सुधरे तो देश एक बार फिर से पूर्ण गृहयुद्ध की तरफ धकेल दिया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस पूरे मामले में तुरंत दखल देने और हिंसा रोकने की अपील की है, ताकि लोगों की जान बचाई जा सके और देश में चल रही भुखमरी जैसी गंभीर स्थिति से निपटने के लिए रास्ता बनाया जा सके।