Yemen में मोखा पोर्ट पर हुआ बड़ा हमला, सरकार ने इसे बताया जंग का ऐलान और ईरान को ठहराया जिम्मेदार

Nura Basta9 August 20263 min read79 viewsYemen
Yemen में मोखा पोर्ट पर हुआ बड़ा हमला, सरकार ने इसे बताया जंग का ऐलान और ईरान को ठहराया जिम्मेदार

यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने 9 अगस्त 2026 को देश के तटीय शहर मोखा में हुए हमलों को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। सरकार ने हूती विद्रोहियों द्वारा बंदरगाह और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों पर किए गए हमलों को सीधे तौर पर देश, समाज और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के खिलाफ युद्ध की घोषणा करार दिया है। इस गंभीर हमले के बाद पूरे इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है और सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह से अलर्ट कर दिया गया है।

मोखा पोर्ट पर मिसाइल और ड्रोन से हमला

यमन सरकार के एक सैन्य प्रवक्ता ने जानकारी दी कि मोखा के तटीय शहर पर यह हमला मिसाइल और ड्रोनों के जरिए किया गया था। इस दर्दनाक घटना में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई है, जिनमें आम नागरिक और सुरक्षा बल के जवान दोनों शामिल हैं। इसके अलावा, इस हिंसक झड़प और गोलाबारी में करीब 15 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका इलाज नजदीकी अस्पतालों में चल रहा है।

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सरकार और मंत्रियों का आधिकारिक बयान

यमन के उप सूचना मंत्री फैयाद अलनोमान ने मीडिया से बात करते हुए इस बात की पुष्टि की है कि हमलों की वजह से बंदरगाह की इमारतों, मुख्य पियर, व्यापारिक सामान और खाने-पीने की जरूरी चीजों को भारी नुकसान पहुंचा है। घायलों में बंदरगाह पर काम करने वाले कई मजदूर भी शामिल हैं। सरकार ने साफ कहा है कि ये सभी हमले ईरान समर्थित योजनाओं का हिस्सा हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य यमन के अंदर लगातार अशांति और तबाही मचाना है।

हूती विद्रोहियों की तरफ से क्या कहा गया

दूसरी तरफ, हूती विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने इसे एक बड़ा और उच्च स्तर का सैन्य अभियान बताया है। हूती प्रवक्ता का दावा है कि उन्होंने इस इलाके में सऊदी सैन्य ठिकानों और हथियारों के गोदामों को निशाना बनाया था, जिसमें बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों का इस्तेमाल किया गया था। उनके मुताबिक इस कार्रवाई में सऊदी नागरिकों समेत कई लोगों के हताहत होने और भारी तबाही की बात कही गई है।

क्षेत्रीय शांति और रणनीतिक महत्व पर असर

यह ताजा हमला यमन के लंबे समय से चल रहे संघर्ष में एक नए तनाव को बढ़ावा दे रहा है। साल 2022 में हुए संघर्षविराम के बाद से इलाके में जो थोड़ी बहुत शांति बनी हुई थी, वह अब खतरे में पड़ गई है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों पर हूती हमलों के कारण पहले से ही तनाव का माहौल बना हुआ है। मोखा बंदरगाह का सामरिक रूप से बहुत बड़ा महत्व है क्योंकि यह दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के पास स्थित है। इस बंदरगाह को हाल ही में उन जहाजों की आवाजाही के लिए तैयार किया गया था जो हूती नियंत्रित बंदरगाहों से बचना चाहते थे। यमन की सरकारी सेना को इस संघर्ष में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन का पूरा समर्थन मिल रहा है। इस पूरी घटना की विस्तृत जानकारी आप UNI India News पर पढ़ सकते हैं।

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