Yemen पर बड़ा हमला, मोखा पोर्ट और सऊदी अरामको रिफाइनरी को बनाया गया निशाना, ड्रोन और मिसाइलों से मची तबाही.

Praggya Singh sabal9 August 20263 min read93 viewsYemen
Yemen पर बड़ा हमला, मोखा पोर्ट और सऊदी अरामको रिफाइनरी को बनाया गया निशाना, ड्रोन और मिसाइलों से मची तबाही.

यमन के सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण रेड सी पोर्ट यानी मोखा और दक्षिण-पश्चिम सऊदी अरब में स्थित सऊदी अरामको की एक रिफाइनरी पर रविवार, 9 अगस्त 2026 को भारी संख्या में मिसाइलों और ड्रोन्स से हमले किए गए। इस बड़ी घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है और सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह से अलर्ट कर दिया गया है। सरकारी अधिकारियों और सैन्य प्रवक्ताओं द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक इन हमलों ने आम नागरिकों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे यमन में चल रहे पुराने संघर्ष के फिर से भड़कने की पूरी आशंका जताई जा रही है।

सरकारी अधिकारियों ने की हमलों की पुष्टि

यमन के सूचना मंत्रालय के सहायक अंडरसेक्रेटरी फayed अल-नोमान ने इन हमलों की पूरी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि यह मुख्य बंदरगाह देश की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के नियंत्रण में आता है जिसे निशाना बनाया गया है। दूसरी तरफ, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेय ने इस बड़े हमले की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि उन्होंने मोखा क्षेत्र में सऊदी समर्थित ताकतों के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की है। उनके मुताबिक इस ऑपरेशन में हथियारों के गोदामों और सैनिकों के जमावड़े को निशाना बनाने के लिए बहुत सारे बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन्स का इस्तेमाल किया गया था।

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हालांकि, अल-मुखा पोर्ट के डायरेक्टर अब्दुल्लिक अल-शराबी ने इन दावों को खारिज करते हुए साफ तौर पर कहा कि इन हमलों में पोर्ट के अंदर बनी आम नागरिकों से जुड़ी सुविधाओं को खासतौर पर निशाना बनाया गया था। इसके साथ ही यमन की सरकारी समाचार एजेंसी सबा ने भी यह जानकारी दी कि हूती मिसाइलों ने पश्चिमी ताइज प्रांत में मोखा पोर्ट के पास मौजूद रिहायशी इलाकों को भी अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि इस हमले में किसी के हताहत होने या नुकसान की तत्काल कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है।

सऊदी अरब के जाज़ान में अरामको रिफाइनरी पर हमला

हूती विद्रोहियों ने सिर्फ यमन के अंदर ही नहीं बल्कि पड़ोसी देश सऊदी अरब पर भी बड़ा प्रहार किया। प्रवक्ता याह्या सारेय ने यह भी दावा किया कि उन्होंने दक्षिण-पश्चिम सऊदी अरब के जाज़ान शहर में स्थित अरामको रिफाइनरी पर एक ड्रोन हमला किया है। उनके अनुसार यह कार्रवाई यमन के हवाई क्षेत्र में सऊदी ड्रोन्स के कथित उल्लंघन का जवाब देने के लिए की गई थी। इस बीच सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने रविवार की सुबह जाज़ान में स्थित अरामको सुविधा केंद्र में आग लगने की घटना की पुष्टि की है। राहत की बात यह रही कि इस आग को समय रहते बुझा लिया गया और किसी भी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन मंत्रालय ने आग लगने के असली कारणों के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।

यमन की सेना का जवाबी एक्शन

मारिब और हधरामौत में बने सैन्य शिविरों पर हुए हालिया हमलों के जवाब में यमन की सेना ने भी हूती ठिकानों और उनके साजो-सामान के खिलाफ एक बड़े सैन्य अभियान का ऐलान कर दिया है। सेना के प्रवक्ता कर्नल माजिद अल-नुज़ैली ने बताया कि देश के कई मोर्चों पर एक साथ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मोखा के स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने बंदरगाह इलाके में लगातार छह जोरदार धमाकों की आवाजें सुनीं। यमन के सैन्य सूत्रों ने यह भी जानकारी दी कि उनकी एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही आ रहे हमलों को रोकने के लिए पूरी ताकत लगा दी थी।

इस ताजा तनाव ने यमन के उस नागरिक युद्ध को फिर से भड़काने का खतरा पैदा कर दिया है जो साल 2022 में हुए संघर्ष विराम के बाद से काफी हद तक शांत था। यमन के विभिन्न मोर्चों पर लगातार बढ़ रही हिंसा और लाल सागर में बढ़ते तनाव के बीच, हाल ही में हूती विद्रोहियों द्वारा भारतीय कार्गो जहाज MSV FAIZE NOORE OLIYA को निशाना बनाकर डुबोए जाने की घटना ने हालात को और ज्यादा गंभीर बना दिया है। इस पूरे घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी पैनी नजर बनी हुई है ताकि क्षेत्रीय सुरक्षा को सुरक्षित रखा जा सके।

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